सनसनीखेज खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, 9 साल से पाल रखी थी रंजिश
बोरतलाव-बागनदी दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगांव | राजनांदगांव जिले में बीते कुछ दिनों पहले सामने आए दो अज्ञात शवों की गुत्थी ने पूरे क्षेत्र को सन्न कर दिया। एक नहीं, बल्कि दो युवकों की निर्मम हत्या… और दोनों के शव अलग-अलग स्थानों पर सड़ी-गली हालत में बरामद होने से पुलिस को अंदेशा तो था कि दोनों हत्याएं आपस में जुड़ी हो सकती हैं, मगर जब परतें खुलीं तो सनसनीखेज राज सामने आया।
नौ साल पहले हुए हत्या की रंजिश
एक मासूम की नौ साल पुरानी हत्या का बदला लेने के लिए रची गई यह रूह कंपा देने वाली कहानी, जिसमें न सिर्फ योजनाबद्ध तरीके से दो युवकों को मौत की नींद सुलाया गया, बल्कि वारदात के बाद सबूत मिटाने की पूरी साजिश भी रची गई।

पहला शव 6 जून को बोरतलाव थाना क्षेत्र के बागरेकसा जंगल मार्ग में मिला। पहचान हुई – 23 वर्षीय सूरज सेन, निवासी सहसपुर दल्ली, ठेलकाडीह थाना। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया – मौत भारी वस्तु से सिर पर वार कर की गई थी।

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दूसरा शव 8 जून को बागनदी क्षेत्र के सीतागोटा-बोईरटोला मार्ग पर पुल के नीचे मिला। यह लाश भी लगभग 3-4 दिन पुरानी और बुरी तरह सड़ी-गली हालत में थी। पहचान हुई – 31 वर्षीय आलोक उर्फ मिन्टू वर्मा, सहसपुर दल्ली का ही निवासी है। मौत की वजह वही – सिर पर वार कर निर्मम हत्या।
पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी आशीष कुंजाम के पर्यवेक्षण में गठित विशेष टीम ने इस जघन्य अपराध की परत-दर-परत सच्चाई को उजागर किया।
बोरतलाव और बागनदी पुलिस ने जब इन दो अलग-अलग मर्गों की कड़ियों को जोड़ा, तब सामने आई एक दिल दहला देने वाली साजिश। सायबर सेल, थाना बोरतलाव और बागनदी की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्य और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर आरोपियों की पहचान की और एक-एक कर तीनों हत्यारों को धर दबोचा।
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मुख्य साजिशकर्ता खिलावन वर्मा के दिल में नफरत का ज़हर 2016 से पल रहा था। उसका भतीजा जितेन्द्र वर्मा, मात्र 9 वर्ष का था जब उसकी हत्या आलोक उर्फ मिन्टू वर्मा द्वारा की गई थी। मिन्टू ने उस हत्याकांड में जेल की सज़ा भुगती और दो साल पहले बाहर आ गया।
खिलावन का खून खौलता था जिसने मेरे भतीजे को मारा वह खुलेआम घूम रहा है मुझे देखकर मुस्कराता है। यही गुस्सा यही नफरत अंततः दो लोगों की जान लेने वाली साजिश में बदल गई।
खिलावन ने डोंगरगढ़ के ही दो युवकों अजहर उर्फ विक्की खान और इकबाल खान को साथ मिलाया। हत्या के बदले एक लाख रुपये की सुपारी तय हुई, जिसमें 20 हजार रुपए एडवांस भी दिए गए। 5 जून की रात खिलावन अपनी महिंद्रा KUV कार (CG-04-NB-2703) से दोनों साथियों को लेकर सहसपुर दल्ली पहुंचा। किसी बहाने से आलोक उर्फ मिन्टू को बुलवाया – और वह सूरज सेन के साथ कार में सवार हुआ।
तीनों आरोपियों ने शराब पिलाकर पहले से तय योजना के मुताबिक लोहे की राड़ से दोनों युवकों पर जानलेवा हमला किया। मिन्टू की हालत खराब होने पर उसका शव पुल के नीचे फेंका गया। मगर सूरज तब तक जिंदा था। इसके बाद सूरज सेन को चटरा जंगल रोड ले जाया गया। जहां राड़ और पत्थरों से मार-मार कर उसकी भी निर्ममता से हत्या की गई।
सिर पर लगातार वार करने के बाद उसका चेहरा पहचान से बाहर कर दिया गया। हत्या के बाद आरोपियों ने खून लगे कपड़े जलाए, हथियारों को तालाब में फेंका और मृतकों के मोबाइल को जंगल में। सीट कवर तक जलाया गया ताकि कार में खून के निशान न मिलें। घटना के बाद अजहर और इकबाल को अजमेर (राजस्थान) भेज दिया गया ताकि शक न हो।
