फोन या लैपटॉप चार्ज करने के बाद भी ऑन छोड़ देते हैं स्विच? तो जरूर पढ़ें..
आज के डिजिटल दौर में हम सभी के जीवन में मोबाइल और लैपटॉप दोनों ऐसी चीजें जिनका इस्तेमाल न केवल एक दो घंटे बल्कि पूरा-पूरा दिन होता है। फिर चाहे फिल्में देखना हो या गाने या फिर ऑफिस का काम, सभी लैपटॉप और फोन पर मुमकिन है। अब ऐसे में कई बार ये डिवाइस चौबीस घंटे चार्ज पर लगे रहते हैं। वहीं अगर कोई काम या दूसरी जगह लेकर जान है, तो पिन निकालकर स्विच ऑन छोड़कर लेकर चले जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया कि स्विच ऑन छोड़ने पर क्या होता है। शायद नहीं, ऐसा इसलिए क्योंकि कभी-भी किसी ने इस चीज के लिए रोका या टोका है। घर का लगभग इंसान फोन या लैपटॉप को चार्ज से निकालने के बाद बिना स्विच ऑफ किए चला जाता है। लेकिन आपको बता दें कि हम सभी की यह गलती हमारे जेब पर भारी पड़ सकती है।
अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा कैसे, तो बता दें कि स्विच ऑन रहने के कारण इसका असर बिजली बिल पर पड़ता है। अगर आप भी यह गलती करती है, तो तुरंत बंद कर दें। इस लेख में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर स्विच ऑन छोड़ने पर बिजली बिल पर कितना असर पड़ता है।

क्या स्विच ऑन रखने से बिजली बिल पर पड़ता है?
यह सवाल भले ही आपको बचकाना या अजीब लग सकता है, कि आखिर स्विच ऑन रखने से कितना ही असर बिजली बिल पर पड़ सकता है। लेकिन आपको बता दें कि मोबाइल और लैपटॉप को चार्ज से निकालने के बाद अगर चार्जर स्विच बोर्ड पर लगा है और बटन ऑन है, तो यह लापरवाही आपके बिजली बिल पर धीरे-धीरे करके बड़ा असर डाल सकती है। इसे फेनटम लोड या वैम्पायर ड्रॉ कहा जाता है, जहां कोई उपकरण बंद होने के बावजूद बिजली खींचता रहता है। भले ही आपका फोन या लैपटॉप चार्जर से डिस्कनेक्ट हो गया हो। लेकिन अगर स्विच ऑन है, तो चार्जर खुद भी कुछ मात्रा में बिजली का उपभोग करता रहता है। यह बिजली की खपत भले ही बहुत कम लगती हो।लेकिन जब इसे पूरे महीने या साल भर के लिए जोड़ा जाता है।
स्विच ऑन रहने पर बिजली बिल पर कितना पड़ता है असर
फोन या लैपटॉप को चार्ज करने के बाद स्विच ऑन छोड़ देते हैं, तो इससे बिजली की खपत होती है, जिसे फेनटम लोड या वैम्पायर ड्रॉ कहा जाता है। इसका मतलब है कि उपकरण बंद होने के बावजूद, वह सॉकेट से थोड़ी मात्रा में बिजली खींचता रहता है। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के अनुसार, फेनटम पावर घर के कुल बिजली खर्च का 5 से 10 प्रतिशत तक हो सकती है। अगर उदाहरण द्वारा सीधी भाषा में समझें तो एक मोबाइल चार्जर जब फोन से जुड़ा न हो तब भी लगभग 0.1 से 0.5 वॉट बिजली इस्तेमाल कर सकता है। बताई गई मात्रा भले ही कम लगें। लेकिन ऐसे कई चार्जर और उपकरण पूरे दिन और रात लगे रहते हैं, तो महीने के आखिर में ये आपके बिजली बिल को 200 से 500 रुपये तक बढ़ा सकते हैं।
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Do you leave the switch on even after charging your phone or laptop? Then definitely read this…: source:
