खैरागढ़ में 43 साल से कायम पोला पर्व पर बैल दौड़ की परंपरा, बारिश के बीच फतेह मैदान में उमड़ा जनसैलाब
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // 43 साल से कायम पोला पर्व पर बैल दौड़ की परंपरा लगातार जारी है। बारिश के बीच भी फतेह मैदान में जनसैलाब बैल दौड़ का आनंद लेने पहुंचते है। इस बार 48 बैल जोड़ियों की दौड़ हुई वही बैल दौड़ के पहले हुए डोंगरगढ़-खैरागढ़ के बीच फुटबॉल मैच में खैरागढ़ 2-0 से विजयी रहा।
पोला पर्व पर खैरागढ़ के ऐतिहासिक लाल फतेह सिंह मैदान में गुरुवार को परंपरा, खेल और रोमांच का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर पोला उत्सव समिति एवं न्यू दंतेश्वरी स्पोर्टिंग क्लब के तत्वावधान में 43 वर्षों से चली आ रही पारंपरिक बैल दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता देखने के लिए खैरागढ़ नगर सहित आसपास के क्षेत्रों और पूरे केसीजी जिले से हजारों लोग मैदान में पहुंचे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर, विशिष्ट अतिथियों में घम्मन साहू, नीलिमा गोस्वामी व अन्य जनप्रतिनिधि रहे।
बैल दौड़ के पहले फुटबॉल: मुकाबले में खैरागढ़ की शानदार जीत
बैल दौड़ प्रतियोगिता से पहले न्यू दंतेश्वरी स्पोर्टिंग क्लब खैरागढ़ और एनएफसी डोंगरगढ़ के बीच मैत्री फुटबॉल मैच खेला गया। मुकाबले में खैरागढ़ की टीम ने डोंगरगढ़ को 2-0 से शिकस्त दी। शिवांश बहादुर सिंह और शशांक श्रीवास्तव ने शानदार गोल कर टीम को जीत दिलाई।

48 बैल जोड़ियों ने लिया हिस्सा
फुटबॉल मुकाबले के बाद ऐतिहासिक फतेह मैदान में बैल दौड़ प्रतियोगिता शुरू हुई। इसमें छुईखदान, राजनांदगांव जिले के घुमका सहित आसपास के क्षेत्रों से कुल 48 बैल जोड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अमलीडीहखुर्द के ईमरान खान की बैल जोड़ी ने हासिल किया। उन्हें 11 हजार रुपए नगद और कृषि सामग्री प्रदान की गई। दूसरा स्थान मुस्का के श्याम साहू की बैल जोड़ी ने प्राप्त किया, जिन्हें 7 हजार रुपए एवं कृषि सामग्री दी गई। तीसरे स्थान पर अमलीडीहखुर्द के बिट्टू खान की बैल जोड़ी रही, जिन्हें 5 हजार रुपए एवं कृषि सामग्री प्रदान की गई।
प्रतियोगिता में बैल सजावट के लिए धरमपुरा के राजू सिन्हा को सम्मानित किया गया। वहीं स्वस्थ बैल जोड़ी का पुरस्कार स्व. अमरजीत सिंह की स्मृति में उनके पुत्र अर्पित सिंह द्वारा पिपरिया के छोटा खान की बैल जोड़ी को दिया गया। दोनों श्रेणियों में 3,100-3,100 रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया।
सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार
समाजसेवी डॉ. यशेश ठाकुर की ओर से प्रतियोगिता में शामिल सभी बैल जोड़ियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि विक्रांत सिंह ने 43 वर्षों से चली आ रही परंपरा को बनाए रखने के लिए नगर पोला उत्सव समिति एवं न्यू दंतेश्वरी स्पोर्टिंग क्लब का आभार जताया। उन्होंने कहा कि खैरागढ़ का पोला और बैल दौड़ प्रतियोगिता वर्षभर के सबसे बड़े और ऐतिहासिक आयोजनों में शामिल है, जिसमें हर साल हजारों की संख्या में लोग पहुंचते हैं। उन्होंने आयोजन समिति को भविष्य में भी हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
नगर पालिका अध्यक्ष गिरजा नंद चंद्राकर ने भी आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि आधुनिक और मशीनी कृषि के दौर में भी इतनी बड़ी संख्या में बैल जोड़ियों का प्रतियोगिता में शामिल होना सराहनीय है।![]()
पुलिस विभाग और आयोजन समिति का रहा विशेष योगदान
हजारों लोगों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस विभाग की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। बारिश के बावजूद दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ और मैदान में देर तक लोगों की भीड़ बनी रही। आयोजन की सफलता में समिति अध्यक्ष सुशीलकांत पांडे, सचिव प्रबल खत्री, कन्हैया पटेल, जमीर कुरैशी, सुभाष चावड़ा, अभिलेख सिंह, कोषाध्यक्ष शुभम ठाकुर, नीरज खत्री, सचिन पटेल सहित पूरी आयोजन टीम का उल्लेखनीय योगदान रहा।
bull racing during the Pola festival



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