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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन
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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // विजयादशमी उत्सव के निमित्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। शहर के कई स्थानों में नगर वासियों और अन्य हिन्दू संगठनों ने संचलन का स्वागत पुष्पवर्षा करके किया । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

कार्यक्रम के मुख्यातिथि तिलक वर्मा (समाजिक कार्यकर्ता) ने स्वयंसेवको को भारत माता के सेवा के लिए शुभाशीष दिए । मुख्य वक्ता प्रान्त किसान कार्यप्रमुख उत्तर यादव ने राष्ट्रहित मे समाज की भूमिका किस प्रकार हो सकती है इस पर प्रकाश डाला। Rashtriya Swayamsevak Sangh

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उत्तर यादव ने संघ का परिचय देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जिसकी स्थापना 1925 में डॉ केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा की गई और आज यह संगठन दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है , जिसके स्वयंसेवक धार्मिक, सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन में मातृभूमि और राष्ट्र की सेवा करते हुए सतत प्रयासरत रहते है और अन्य संघ की गतिविधियों में जैसे सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन और पर्यावरण के क्षेत्र में भी संघ कार्य करता है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने किया पथ संचलन

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संघ की शाखा पद्धति से व्यक्ति निर्माण, व्यक्ति निर्माण से परिवार और समाज निर्माण और समाज निर्माण से देश और राष्ट्र निर्माण का कार्य सतत संघ में चलता रहता है।

 आज के परिवेश में संघ मातृशक्ति और महिलाओं को भी समाज जीवन में आगे कार्य करने के लिए आवाहन करता है।

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साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर बताया कि पॉलीथिन का उपयोग अपने जीवन मे हमे बिल्कुल नही करना चाहिए क्योंकि आत्मा के बाद अगर कोई चीज़ अजर-अमर है, तो वो पॉलीथिन है।

उपरोक्त कार्यक्रम में संघ के जिला संघचालक राधेश्याम शर्मा, खण्ड संघचालक देवकरण वर्मा, नगर संघचालक मनोज गीडिया सहित संवैचारिक संगठन के पदाधिकारी संग समाज के कई गणमान्यजन उपस्थित थे।

Volunteers of Rashtriya Swayamsevak Sangh took out a procession




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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।