⭕ ब्लॉक सरपंच संघ जल्द करेंगे जनपद कार्यालय का घेराव
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया// त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में सबसे छोटी ईकाई ग्राम पंचायत के प्रति राज्य सरकार व केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैये से पंचायत प्रतिनिधियों में अब हताशा छाई हुई है या कहे कि अब बिना मूलभूत राशि के ग्राम पंचायते संचालित हो रही है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में 2024 -25 के पांच माह बीत गए लेकिन केंद्र सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को मिलने वाली 15वे वित्त की राशि ग्राम पंचायतों में नही पहुँची है जिससे ग्राम पंचायतों के मूलभूत कार्यो को कराने में सरपंचो के पसीने छूट रहे हैं।
ग्राम पंचायतों में राशि नहीं आई जिसकी ग्रामीण क्षेत्रों में जानकारी नही होने के कारण ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधियों के ऊपर अपना भड़ास निकाल देते हैं कि ग्राम पंचायतों में कोई भी कार्य नही किया जा रहा जबकि ग्राम पंचायतों को केंद्र सरकार व राज्य सरकार से राशि नही मिलने के कारण अधिकांश ग्राम पंचायतों में स्वयं का आय के जरिया नही होने के कारण विकास कार्यो पर टोटा लगा रहता है।
उल्लेखनीय है कि जहा गौण खनिज की राशि ग्राम पंचायतों को मिल जाती है वहां तकलीफ नहीं होती व जिस ग्राम पंचायत में बाजार नीलामी व प्राधिकरण जैसे योजना से मिलने वाली राशि से ग्राम पंचायतों में सीसी रोड व ग्राम पंचायतों के जरूरत अनुसार अन्य कार्य निपटा लिए जाते हैं वही कई ऐसे ग्राम पंचायत भी है जहां आय के स्रोत नही होने के कारण राज्य सरकार के मूलभूत योजना व केंद्र सरकार के 15वे वित्त योजना के तहत ही अपने ग्राम पंचायतों में कार्य कराते हैं वहां अभी स्थिति दयनीय स्थिति में है।
मिष्ठान के लिए भी नहीं आया पैसा
स्वतन्त्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व के मिष्ठान तक का पैसा नही आया – ग्राम पंचायतों में स्थिति इतनी बद से बदतर हो गई है कि बीते15 अगस्त स्वतन्त्रता दिवस के अवसर पर स्कुलो में मिष्ठान व टेंट की व्यवस्था में लगने वाले राशि लगभग 20 हजार रुपये भी ग्राम पंचायतों द्वारा उधारी में मंगाया गया लेकिन ग्राम पंचायतों में राशि नही होने के कारण सरपंचो के ऊपर परेशानी हो रही है वही केंद्र सरकार द्वारा 15 वे वित्त की राशि मे टाइड – अनटाइड फंड के कारण ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायतों के आवश्यक कार्यो को कराने में पंचायत प्रतिनिधियों के रोड़ा बन रहा है।
राज्य सरकार भी नही दे रही ध्यान
छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना के नाम पर ग्राम पंचायतों के विकास पर ध्यान नहीं दिया जिसके कारण पंचायत प्रतिनिधियों को अपने ग्राम पंचायतों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा अब भाजपा सरकार में भी ग्राम पंचायतो में सरकार की विशेष रुचि नहीं होने के कारण परेशानी जस की तस पड़ी हुई है।
मूलभूत की राशि समय में नही पहुचती
ग्राम पंचायतों को राज्य सरकार से मिलने वाली मूलभूत योजना की राशि समय पर नही मिलने के कारण ग्राम पंचायतों में मुरुम की व्यवस्था नही हो पाती जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के दिनों में दलदल रहता है वही मूलभूत की राशि मे बढ़ोतरी नही होने के कारण महंगाई के दौर में ग्राम पंचायतों में विकास पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
ऑनलाइन पेमेंट से बढ़ी परेशानी
15 वे वित्त की राशि सीधे वेंडर को ऑनलाइन पेमेंट की व्यवस्था सरकार ने किया है लेकिन सर्वर में दिक्कतों के कारण महीनों तक पेमेंट का चक्कर सरपंचो द्वारा लगाया जाता है लेकिन पेमेंट नही होने के कारण सम्बन्धित दुकानदार ब्याज की राशि की मांग कर देते हैं जिससे ग्राम पंचायतों में काफी परेशानी होती है। वही अब देखना होगा कि ग्राम पंचायतों में खबर प्रकाशन के बाद प्रशासन के द्वारा ग्राम पंचायतों में 15वे वित्त की राशि के लिए पहल किया जाता है कि पुराने ढर्रे पर छोड़ दिया जाता है।
रोजगार गारंटी में कार्य किए मजदूरों को चार माह से राशि नहीं
वही ग्राम पंचायत में केंद्र सरकार के द्वारा संचालित राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्राम पंचायत में जो विकास कार्य के तहत गांव के मजदूरों द्वारा काम कराया गया है बताया जाता है कि पूरे ब्लॉक भर के ग्राम पंचायत में विगत तीन से चार माह से मजदूरों को रोजगार गारंटी का पैसा नहीं मिला है जिससे ग्रामीण अपना गुस्सा सरपंचों और सचिवों पर उतारते हैं। ऐसे में सरपंच और सचिव भी बदनाम हो रहे हैं।
टीकम साहू अध्यक्ष सरपंच संघ छुईखदान का कहना है की रोजगार गारंटी की राशि का भुगतान ग्रामीणों को गत 4 माह से नहीं मिला है साथ ही 15वे वित्त की राशि भी सरकार से नहीं मिला है। जिसकी शिकायत मेरे द्वारा जिला कलेक्टर के पास स्वम उपस्थित होकर दिया गया है, राशि सही समय पर नहीं मिलने के कारण अधिकतर सरपंच आर्थिक तंगी की मार झेल रहे है। जल्द ही सरपंचों द्वारा जनपद कार्यालय का घेराव किया जाएगा, प्लानिंग चल रही है।

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