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1852 स्कूली खिलाड़ियों को बोर्ड परीक्षाओं में मिलेंगे बोनस अंक

स्कूली खिलाड़ियों को बोर्ड परीक्षाओं में मिलेंगे बोनस अंक
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1852 स्कूली खिलाड़ियों को बोर्ड परीक्षाओं में मिलेंगे बोनस अंक

राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने पर दिए जाते हैं बोनस अंक

⭕ 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल खिलाड़ियों को फायदा

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 रायपुर // राष्ट्रीय शालेय और राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में इस वर्ष 1852 स्कूली खिलाडियों को बोनस अंके प्रदान किए जाएंगे। इनमें 10वीं के 852 और 12वीं के 1000 स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल हैं। खेलों के अलावा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में स्काउट गाइड, एनसीसी, एनएसएस, साक्षरता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी बोनस अंक दिए जाते हैं। इस वर्ष 871 स्काउट व गाइड के छात्रों को बोनस अंक के लिए चुना गया है, जिनमें 10वीं के 539 और 12वीं के 332 विद्यार्थी शामिल हैं। विद्या भारती के 31 स्कूली छात्रों को बोनस अंक प्रदान किए जाएंगे। वहीं, एनसीसी का एकमात्र छात्र बोनस अंक का पात्र पाया गया है।

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बोनस अंक देने के ये नियम

बोर्ड परीक्षा में खेल, स्काउट गाइड, एनसीसी, एनएसएस, साक्षरता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बोनस अंक दिए जाते हैं। यह बोनस अंक राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के आधार दिए जाते हैं। राज्य स्तर पर पदक जीतने पर 10 अंक, राष्ट्रीय स्तर के लिए 15 अंक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए 20 अंक बोनस के रूप में प्रदान करने का नियम है।

रायपुर के सबसे ज्यादा विद्यार्थी शामिल:

स्कूली खिलाड़ियों में बोनस अंक पाने वालों में सबसे ज्यादा रायपुर जिला के छात्र शामिल है। रायपुर की 10वीं के 109 और 12वीं के 112 विद्यार्थी बोनस अंक के पात्र पाए गए है। बिलासपुर की 10वीं के 89 और 12वीं के 73 छात्रों को और दुर्ग की 10वीं में 74 व 12वीं में 73 विद्यार्थियों को बोनस अंक प्रदान किए जाएंगे। बस्तर जिला के कुल 97 स्कूली छात्रों को बोनस अंक मिलेंगे, जिनमें 10वीं के 52 और 12वीं के 45 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।स्कूली खिलाड़ियों को बोर्ड परीक्षाओं में मिलेंगे बोनस अंक

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बोनस अंक देने के ये नियम

बोर्ड परीक्षा में खेल, स्काउट गाइड, एनसीसी, एनएसएस, साक्षरता जैसे क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को बोनस अंक दिए जाते हैं। यह बोनस अंक राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के आधार दिए जाते हैं। राज्य स्तर पर पदक जीतने पर 10 अंक, राष्ट्रीय स्तर के लिए 15 अंक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए 20 अंक बोनस के रूप में प्रदान करने का नियम है।




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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।