इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के तंत्री वाद्य विभाग में हुआ सितार वादन कार्यशाला
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के तंत्री वाद्य विभाग में दिनांक 9 मार्च से 14 मार्च 2026 तक सितार वादन कार्यशाला का आयोजन संपन्न हुआ।
कार्यशाला का उद्घाटन कुलपति प्रो.डॉ. लवली शर्मा द्वारा मां सरस्वती के तैलचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। माननीया कुलपति महोदया ने कार्यशाला की विषय विशेषज्ञ प्रो.डॉ. कविता चक्रवर्ती (जोधपुर) का स्वागत कर उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ एवं श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया वहीं कुलपति का स्वागत अधिष्ठाता संगीत संकाय प्रोफेसर ने किया।
कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में संकाय के समस्त शिक्षक, संगतकार एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन कार्यशाला के संयोजक एवं विभाग के सहायक प्राध्यापक विवेक नवरे द्वारा किया गया। जे.एन.वी. विश्वविद्यालय जोधपुर राजस्थान के संगीत विभाग की विभागाध्यक्ष रही प्रो.डॉ. कविता चक्रवर्ती ने छः दिवसीय कार्यशला में सितार वादन की तकनीक जानकारी दी साथ ही वादन शैली से विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

उन्होंने अपने प्रदर्शनात्मक व्याख्यान द्वारा सितार वादन की सूक्ष्मता से विद्यार्थियों को अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने राग यमन, हमीर एवं श्यामकल्याण के संबंध में विद्यार्थियों को परिचित कराते हुए विलंबित और द्रुत गत की जानकारी दी। इस कार्यशाला का लाभ तंत्री वाद्य विभाग के 30 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया।


