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पर्यटकों से भरा क्रूज जहाज़ डूबा, अबतक 37 की मौत,48 यात्री सवार थे !

पर्यटकों से भरा क्रूज जहाज़ डूबा, अबतक 37 की मौत,48 यात्री सवार थे !
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पर्यटकों से भरा क्रूज जहाज़ डूबा, अबतक 37 की मौत,48 यात्री सवार थे !

वियतनाम में एक भीषण हादसे में पर्यटकों से भरा एक क्रूज जहाज समुद्र में पलट गया है जिससे अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। यह दुखद घटना शनिवार को क्वांग निन्ह प्रांत के प्रसिद्ध हा लॉन्ग खाड़ी में तब हुई जब जहाज एक भयंकर तूफान की चपेट में आ गया। बचाव अभियान अभी भी बड़े पैमाने पर जारी है क्योंकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं।प्रधानमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं.

यह घटना शनिवार को दोपहर लगभग 1:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) हुई। अधिकारियों ने बताया कि जहाज का सामना एक शक्तिशाली तूफान से हुआ और दोपहर 2:05 बजे तक जहाज का अधिकारियों से संपर्क टूट गया और वह खाड़ी के पानी में डूब गया।हादसे के समय क्रूज जहाज में 48 यात्री सवार थे जिनमें 24 पुरुष और 24 महिलाएँ थीं। बताया जा रहा है कि इनमें से कई यात्री युवा और बच्चे थे। ज़्यादातर यात्री वियतनाम से ही थे जो राजधानी हनोई से यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हा लॉन्ग खाड़ी घूमने आए थे।पर्यटकों से भरा क्रूज जहाज़ डूबा, अबतक 37 की मौत,48 यात्री सवार थे !

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Vietnam : पर्यटकों से भरा क्रूज जहाज़ डूबा, अबतक 37 की मौत,48 यात्री सवार थे !

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इस दुर्घटना और पर्यटकों की मौत के बाद देश भर में शोक का माहौल है। वियतनाम के प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह ने भी इस घटना को लेकर अपना बयान जारी किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।हा लॉन्ग बे वियतनाम के सबसे प्रमुख पर्यटक स्थलों में से एक है। साल 2019 में यहां देश और विदेश से 40 लाख से ज़्यादा पर्यटक घूमने आए थे। इस हादसे ने वियतनाम के पर्यटन उद्योग और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।




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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।