नौ दिन तक महंगे झूले, आखिरी दिन आधा किराया, यह कैसी व्यवस्था? कांग्रेस पार्षद ने उठाया सवाल
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 डोंगरगढ़// नवरात्र मेले में नौ दिनों तक झूलों का पूरा किराया वसूलने के बाद आखिरी दिन स्थानीय लोगों को आधे दाम पर झूला झूलने की छूट दी गई है। नगर पालिका अध्यक्ष रमन डोंगरे की इस घोषणा ने राहत से ज्यादा सवाल खड़े कर दिए हैं। जारी पोस्टर के मुताबिक बड़े झूले 30 और छोटे झूले 20 रुपये में झूल सकेंगे। छूट के लिए आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य है।
शुरुआत में व्यवस्था क्यों नहीं?
स्थानीय लोगों की शिकायत है कि मेले में कई झूलों का किराया 80 से 100 रुपये तक रहा। ऐसे में सवाल है कि स्थानीय परिवारों को रियायत देनी थी, तो शुरुआत से व्यवस्था क्यों नहीं की गई? आखिरी दिन की छूट से पहले अधिक किराया दे चुके परिवारों को क्या फायदा मिलेगा? यह फैसला पहले से होता तो बच्चों और परिवार को पूरा राहत होता।
दुकान आवंटन में पक्षपात का आरोप
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष तरुण हत्थेल के कार्यकाल की व्यवस्थाओं का हवाला देकर स्थानीय लोग किराये और सुविधाओं की तुलना कर रहे हैं। वहीं, मीना बाजार के टेंडर और दुकानों के आवंटन में कथित पक्षपात के आरोप भी उठे हैं।
कांग्रेस पार्षद विनायक राव ने छूट की घोषणा को निंदनीय बताते हुए मेला प्रबंधन पर सवाल उठाए। अब नगर पालिका को स्पष्ट करना चाहिए कि राहत आखिरी दिन ही क्यों दी गई और टेंडर संबंधी आरोपों पर पारदर्शी जानकारी कब सामने आएगी। जनता को आखिरी दिन का ऑफर नहीं, पूरे मेले में उचित दर और बेहतर व्यवस्था चाहिए।



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