कर्ज का पैसा जितने दिन इस्तेमाल, उतने ही दिन का ब्याज! बैंक ग्राहकों को बड़ी राहत
व्यापार खबर डेस्क खबर 24×7 मुंबई // आरबीआई ने ब्याज दरों से जुड़े मसौदा दिशा-निर्देश जारी किए। इनके तहत बैंकों को हर महीने की शुरुआत में (पहली तारीख को) लागू होने वाली लोन की ब्याज दरों की जानकारी देनी होगी। साथ ही फ्लोटिंग रेट वाले सभी व्यक्तिगत और एमएसएमई लोन की ब्याज दरों की जानकारी भी नियमित रूप से देनी होगी।
फ्लोटिंग रेट वाले लोन की ब्याज दरों की समीक्षा कम से क्रम तीन महीने में एक बार करनी होगी और कुल शुल्कों में इंटरचेंज व तीसरे पक्ष के शुल्क भी शामिल होंगे। ब्याज दरों से जुड़े नए ड्राफ्ट गाइडलाइंस में आरबीआई ने सभी बैंकों में ब्याज दर तय करने की पद्धति को एकसमान करने का प्रस्ताव दिया है।
इसमें आंतरिक बेंचमार्क, स्प्रेड के घटक, लोन की श्रेणियों और लोन की कीमत तय करने से जुड़े अधिकारों के ट्रांसफर को भी शामिल किया गया है। हितधारकों से इन पर सुझावों 11 सितंबर तक राय मांगी गई है जिसके बाद अंतिम दिशानिर्देश जारी होंगे। नए नियम 1 अप्रैल, 2027 से प्रभावी होंगे।![]()
किसी एक बेंचमार्क का करना होगा चुनाव
⭕ प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, बैंकों और एनबीएफसी को आंतरिक (एमसीएलआर) या बाहरी बेंचमार्क (ईबीएलआर) के बीच चुनाव करना होगा। साथ ही जोखिम आधारित स्प्रेड भी तय करना होगा।
⭕ वित्तीय संस्थानों को हर लोन श्रेणी के लिए स्प्रेड की न्यूनतम सीमा निर्धारित करनी होगी और इसे कम से कम 12 महीने तक नहीं बदला जा सकेगा।
⭕ आरबीआई ने कहा कि ब्याज की गणना दैनिक घटती शेष राशि के आधार पर की जानी चाहिए और वास्तविक भुगतान की तारीख से ब्याज लगाया जाना चाहिए।
⭕ यानी बैंक या वित्तीय संस्थान जितने दिनों तक पैसा इस्तेमाल हुआ है, उतने ही दिनों का ब्याज वसूल करेंगे। ब्याज दर में माइक्रोफाइनेंस लोन और छोटे मूल्य के लोन पर लगने वाले शुल्क भी शामिल होने चाहिए।



![whatsapp-seeklogo[1]](https://khabar24x7.in/wp-content/uploads/2026/06/whatsapp-seeklogo1-300x89.png)

