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पखवाड़े भर में 11093 किसानों ने बेचा धान.. 11लाख से अधिक रूपये की राशि का हुआ भुगतान

छत्तीसगढ़ कैबिनेट के फैसले से सोसाइटी कर्मचारी नाराज..धान खरीदी का करेंगे बहिष्कार
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पखवाड़े भर में 11093 किसानों ने बेचा धान.. 11लाख से अधिक रूपये की राशि का हुआ भुगतान

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 हेतु समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य अपनी पूर्ण गति से चल रहा है। जिलें में वर्तमान में 51 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 11093 किसानों से 598075.20 क्विंटल धान की ख़रीदी की जा चुकी है। वही किसानों को 11842.76 लाख रूपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

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जिला खाद्य अधिकारी भुनेश्वर चेलक ने जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य जिले के 51 धान उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से किया जा रहा है। जिले में समर्थन मूल्य पर 598075.20 क्विंटल धान का उपार्जन किया जा चुका है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन में नये बारदाने, पुराना जुट बारदाना व पीडीएस बारदानों सहित किसाना बारदानों का प्रयोग किया जाना है।

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इस वर्ष कृषक अपने अच्छे जूट बारदाना का प्रयोग धान विक्रय में कर सकते हैं। इसके लिए किसानों को प्रति बारदाना 25 रूपये का भुगतान किया जायेगा। ज़िले में धान सुचारू रूप से उपार्जन हेतु पर्याप्त मात्रा में बारदाना की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न माध्यम से की गई है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध है।

11093 Farmers sold Paddy in a fortnight.. Amount of more than 11 lakh rupees was paid




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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।