Breaking
Sat. Mar 28th, 2026

आखिर पिंजरे में फंसा आदमखोर तेंदुआ..3 लोगों को बना चुका है शिकार..लोगों ने ली राहत की सांस

आखिर पिंजरे में फंसा आदमखोर तेंदुआ..3 लोगों को बना चुका है शिकार..लोगों ने ली राहत की सांस
खबर शेयर करें..

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 मनेन्द्रगढ़ // छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ में एक आदमखोर तेंदुए की दहशत से अब लोगों को मुक्ति मिल गई है। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ लिया है अब उसे बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी भेजा जाएगा।

बताया जा रहा है कि तेंदुआ बीते 1 महीने में 3 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। तेंदुए के आदमखोर होने के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल था। आलम यह था कि तेंदुए को पकड़ने के लिए विधायक को मुख्यमंत्री तक गुहार लगानी पड़ी। जिसके बाद सक्रिय हुए जनकपुर के वन अमले ने ग्राम नौड़िया में पिंजरा रखा। मुर्गा खाने के लालच में पहुंचा तेंदुआ पिंजरे में फंस गया।आखिर पिंजरे में फंसा आदमखोर तेंदुआ..3 लोगों को बना चुका है शिकार..लोगों ने ली राहत की सांस

solar pinal
solar pinal

आदमखोर तेंदुए के फंसने की खबर से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। जैसे ही लोगों को सुबह खबर मिली बड़ी संख्या में लोग उसे देखने पहुंच गए। वहीं विधायक गुलाब कमरो ने वन विभाग, राजस्व और पुलिस के अधिकारियों की सराहना की है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी आभार जताया है। उनके निवेदन पर एक्सपर्ट्स की टीम जनकपुर भेजी गई थी।

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
Ad by study point kgh
        इसे भी पढ़ें: घर के सामने रखे कार की हुई थी चोरी..कोटा राजस्थान से चोर और वाहन को पुलिस ने किया बरामद

source


खबर शेयर करें..

Related Post

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।