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रायपुर में हुआ ललित कला शिविर का आयोजन..

रायपुर में हो रहा ललित कला शिविर का आयोजन
रायपुर में हो रहा ललित कला शिविर का आयोजन
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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 ख़ैरागढ़ // कला अकादमी छत्तीसगढ़ के तत्वाधान में पहली बार हमारे छत्तीसगढ़ में ललित कला शिविर आयोजन हुआ है। जिसमें 10 मूर्तिकारो का वुडकार्विंग एवं 10 चित्रकारों का चित्रकला कार्यशाला कला वीथिका महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर रायपुर में 7 नवम्बर से आयोजन हुआ। शिविर में छत्तीसगढ़ के अनेक जिलो से ललित कला के सृजनकर्ता आमन्त्रित किये गये थे। जितेंद्र साहू, हुकुम लाल वर्मा, सन्दीप किंडो, राजेंद्र ठाकुर, दीक्षा साहू, चंचल साहू, निखिल तिवारी, प्रसंशा और अमनुल हक ने महात्मा गाँधी के स्मृति और विचारों पर अपनी सृजनशील हाथो से अनेक रूपों में अलंकृत किया है। (khairagarh)

कार्यक्रम के अंतिम दिवस कला परिषद छत्तीसगढ़ के प्रथम अध्यक्ष अध्यक्ष योगेंद्र त्रिपाठी के संयोजन में सभी कृतियों की प्रदर्शनी कला दीर्घा महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर रायपुर  में आयोजित हुआ है जिसका उद्घाटन प्रख्यात कवि,आलोचक और कला प्रेमी अशोक वाजपेयी द्वारा किया गया ।प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के कलाकारों सहित आम नागरिकों व गणमान्य नागरिकों ने सराहा।(raipur)

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मूर्त – अमूर्त मीडियम में होती है किशोर की कृति

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किशोर शर्मा खैरागढ़ से है उन्होने अपने कृति के बारे में बताया है, कि मेरी कृति मूर्त-अमूर्त मीडियम में होती है वर्तमान सृजन गांधीजी के दांडी यात्रा को रेखांकित करती है। जिसमें उनकी यात्रा को लकड़ी में प्रतीकात्मक रूप से उनके चश्मा को डंडा के सहारे प्रदर्शित किया है साथ ही साथ उनके रास्ते को अनेक माध्यमो से प्रतीकात्मक फूलो से सजाया गया है। प्रायः अपने कामो में फाइबर, टेराकोटा, ब्रॉन्ज, लकड़ी या पत्थर के प्राकृतिक रूप को यथावत रखते हुए अपनी सृजन शैली को अभिव्यक्त करते है। उनकी अनेक कृतियाँ देश -विदेश में प्रदर्शित हो चुकी है और  उनकी कृतियाँ अनेको कलादीर्घा व व्यतिगत संग्रहित भी है। कार्यशाला में सभी कलाकारों ने गांधी जी के के विचारों को प्रतीकात्मक रूप  से अपनी अपनी शैली में सृजन किया है मूर्तिकारों में रामकुमार इन्दौरिया ने उनके चलते कदमों को उकेरा है तो श्याम सुंदर ने उनके विचारों को कार्विंग किया है । .

मोहन व विपिन ने भी दिखाए कला के जौहर

मोहन बराल ने ग़ांधी के तीन बंदरों को प्रदर्शित किया है और मनीष वर्मा , करुणा, राजेन्द्र, छगेन्द्र उसेंडी और धरम नेताम ने उनके अनेक कर्मों विचारो व यात्रा को लकड़ी में चिजल और मेलेट से अभिव्यक्त किया है ।

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आमन्त्रित चित्रकारों में विपिन सिंह ने बताया कि मेरी कृतियों में गांधी जी के जीवन रहस्य को केनवास पर ब्रश के स्ट्रोक से अमूर्त कला में रंगीन किया है। विपिन अनेक पुरुस्कारो से सुसज्जित है और उनकी कृतियाँ देश-विदेश तक फैली है ।


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