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असम पुलिस की फायरिंग में मेघालय के पांच मारे गए..दोनों राज्यों में भारी तनाव, इंटरनेट सेवा बंद

असम-मेघालय सीमा विवाद की वजह से पुलिस फायरिंग में छह लोग मारे गए। इनमें 5 मेघालय निवासी व एक असम का फॉरेस्ट गार्ड है। मेघालय के जयंतिया पहाड़ क्षेत्र के मुक्रोह गांव में हुई घटना से दोनों राज्यों में तनाव है। मेघालय सरकार ने सीमावर्ती सात जिलों में 48 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है।.
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राष्ट्रीय खबर डेस्क खबर 24×7  गुवाहाटी/नई दिल्ली // असम-मेघालय सीमा विवाद की वजह से पुलिस फायरिंग में छह लोग मारे गए। इनमें 5 मेघालय निवासी व एक असम का फॉरेस्ट गार्ड है। मेघालय के जयंतिया पहाड़ क्षेत्र के मुक्रोह गांव में हुई घटना से दोनों राज्यों में तनाव है। मेघालय सरकार ने सीमावर्ती सात जिलों में 48 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है।.

असम के वन अधिकारी लकड़ी तस्करों का पीछा कर रहे थे। फॉरेस्ट गार्ड ने फायरिंग कर ट्रक को रोका। इसी दौरान टीम मेघालय सीमा में चली गई, जहां लोगों ने उन्हें घेर लिया। तब पुलिस ने फायरिंग की। मेघालय के सीएम कॉनराड संगमा ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है।

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       पहले भी हुई है हिंसा     2021 में असम-मिजोरम सीमा पर गोलीबारी में 6 जवानों की मौत हुई थी।

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2010 में असम-मेघालय के बीच गोलीबारी हुई थी। चार लोग मारे गए थे।

50 साल लंबा विवाद, समझौते पर सवालअसम-मेघालय सीमा विवाद की वजह से पुलिस फायरिंग में छह लोग मारे गए। इनमें 5 मेघालय निवासी व एक असम का फॉरेस्ट गार्ड है। मेघालय के जयंतिया पहाड़ क्षेत्र के मुक्रोह गांव में हुई घटना से दोनों राज्यों में तनाव है। मेघालय सरकार ने सीमावर्ती सात जिलों में 48 घंटों के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है।.

  इसी साल मार्च में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों हिमंता बिस्वा सरमा व कॉनराड संगमा ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उपस्थिति में 50 साल से जारी सीमा विवाद समाप्त करने की दिशा में समझौता किया था।

  इस समझौते के बाद माना जा रहा थ कि दोनों राज्यों की 884.9 किलोमीटर सीमा के 12 स्थानों पर चल रहा लंबा विवाद समाप्त हो जाएगा। तब अमित शाह ने कहा था कि करीब 70 फीसदी विवाद का समाधान हो गया है।

  वर्ष 1972 में असम के एक हिस्से को अलग करके मेघालय का निर्माण किया गया था। उसके बाद से 12 स्थानों विवाद की स्थिति बनी हुई है।


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