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August 16, 2023

खैरागढ़ // कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री गोपाल वर्मा ने दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं को मतदाता जागरूकता शपथ दिलाया और साल, श्रीफल देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें निर्वाचन में उपलब्ध सुविधाओं और वैकल्पिक पोस्टल बैलेट की जानकारी देकर, मतदान हेतु प्रोत्साहित किया गया। *मतदान केंद्रों में वृद्धजन मतदाताओं के लिये दृष्टिगत रेम्प एवं व्हीलचेयर की होगी सुविधा* जिला कार्यालय में आयोजित सम्मान कार्यक्रम में उपजिला निर्वाचन अधिकारी और अपर कलेक्टर डी. एस. राजपूत के साथ स्वीप नोडल और संयुक्त कलेक्टर आभा तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को स्वीप अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में मतदान करने वाले दिव्यांगों और वृद्धजनों का सम्मान किया। उन्हें आगामी विधानसभा निर्वाचन में वैकल्पिक पोस्टल बैलेट की सुविधा से अवगत कराया गया। जानकारी दी गई कि मतदान केन्द्रों में वृद्धजन मतदाताओं के दृष्टिगत रेम्प एवं व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। 80 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्ग मतदाताओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने हेतु उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि मतदान के महत्व के प्रति जागरूक कराने में बुजुर्ग मतदाताओं की अहम भूमिका है। उन्हें अन्य दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। कलेक्टर ने वृद्ध मतदाताओं के दृष्टिगत बीएलओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर टंकेश्वर साहू, उपसंचालक गणेश राम वर्मा, के.के.वर्मा सहित स्वीप और निर्वाचन कार्यक्रम से जुड़े स्काउट के विद्यार्थी, अधिकारी, कर्मचारी और वृद्धजनों के परिजन उपस्थित थे।
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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।