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किसानों के उग्र विरोध के बाद श्री सीमेंट जनसुनवाई पर लगी रोक

किसानों के उग्र विरोध के आगे झुका प्रशासन-श्री सीमेंट जनसुनवाई पर लगी रोक, ग्रामीण बोले रद्द किए बिना नहीं मानेंगे
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किसानों के उग्र विरोध के बाद श्री सीमेंट जनसुनवाई पर लगी रोक

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // श्री सीमेंट की प्रस्तावित खदान परियोजना को लेकर पिछले कई महीनों से क्षेत्र में उभर रहे जनाक्रोश का प्रभाव आखिरकार प्रशासन के फैसले में दिखाई दिया। जिला प्रशासन ने 11 दिसंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई को स्थगित कर दिया है। इस संबंध में कलेक्ट्रेट खनिज शाखा द्वारा आधिकारिक पत्र जारी कर सभी विभागों और संबंधित ग्राम पंचायतों को सूचना दे दी गई है। पत्र क्रमांक 445/खनि/02/2025 दिनांक 09 दिसंबर 2025 को जारी आदेश में जनसुनवाई स्थगन के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

ऐसा है आदेश..

पत्र में उल्लेख है कि ग्राम–संडी, पंडरिया, बुंदेली, विचारपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्री सीमेंट लिमिटेड (सढ़ौली लाइमस्टोन ब्लॉक) की खनन परियोजना को लेकर तीव्र विरोध, सुरक्षा व्यवस्था संबंधी कारणों तथा परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए 11 दिसंबर को निर्धारित जनसुनवाई स्थगित की जाती है। आदेश पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी खैरागढ़-छुईखदान-गंडई ने हस्ताक्षर किए हैं।

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किसानों की दो टुक: जब तक जनसुनवाई स्थगित नहीं बल्कि पूरी तरह रद्द नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी

ग्रामीणों ने कहा कि उनकी प्राथमिकता उपजाऊ कृषि भूमि, जल स्रोतों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण है। उनका आरोप है कि सीमेंट फैक्ट्री का प्रस्ताव विस्थापन, प्रदूषण और आजीविका छीनने का कारण बनेगा, इसलिए इसे हर हाल में रोकना होगा।

क्षेत्र के प्रभावित किसानों का एक मत से कहना है कि हम अपनी जमीन नहीं बेचेंगे, नहीं छोड़ेंगे। हमें खेती पसंद है, हम सीमेंट फैक्ट्री नहीं चाहते। किसानों के उग्र विरोध के आगे झुका प्रशासन-श्री सीमेंट जनसुनवाई पर लगी रोक, ग्रामीण बोले रद्द किए बिना नहीं मानेंगे

और भी बढ़ सकता है आंदोलन का दायरा 

11 दिसबर को होने वाली जनसुनवाई को जिला प्रशासन ने स्थगित कर दिया है लेकिन पूर्ण रूप से अभी प्रोजेक्ट को बंद नहीं किया है ऐसे में आंदोलन का दायरा बढ़ाने की चेतावनी देते आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और प्रशासन ने परियोजना को रद्द करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए तो आने वाले दिनों में विरोध और भी व्यापक रूप लेगा। महिलाएं, युवा, किसान और वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में जुड़कर एकजुटता दिखा रहे हैं।

किसानों के उग्र विरोध के आगे झुका प्रशासन-श्री सीमेंट जनसुनवाई पर लगी रोक, ग्रामीण बोले रद्द किए बिना नहीं मानेंगे




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