Breaking
Sat. Mar 28th, 2026

गंडई के खिलाड़ियों ने एथेलेटिक्स में बेहतर प्रदर्शन कर लाए 10 पदक

खबर शेयर करें..

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया// पंडित देवी प्रसाद चौबे शासकीय महाविद्यालय गंडई (gandai) के छात्र-छात्राओं ने 10 पदक जीते हैं जिसमें स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक शामिल है। उक्त बच्चे कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनादगांव में आयोजित एथेलेटिक्स खेल में भाग लिए थे। 10 पदक जीत कर गंडई महाविद्यालय का नाम रौशन किया है। एथेलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन शासकीय कमला देवी राठी महिला महाविद्यालय राजनांदगांव में आयोजित हुआ, जिसमें गंडई महाविद्यालय के खिलाड़ियों ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक दिलाया जिसमें 03 स्वर्ण पदक 04 रजत पदक और 3 कास्य पदक शामिल है।

लक्ष्मी ध्रुव 20 किमी. दौड़ में स्वर्ण पदक, तनमय पौषार्य त्रिकुद में स्वर्ण पदक एवं 100 मी. दौड़ में रजत पदक, दुर्गेश निषाद भाला फेक में स्वर्ण पदक, तवा फेक में रजत पदक, भुनेश्वर नेताम 10 किमी. दौड़ में रजत पदक, रवि यादव भाला फेक में रजत पदक, ओमकार साहू 400 मी. दौड़ में कास्य पदक, चित्रेण साहू 1500 मी. दौड़ में कास्य पदक एवं गोकुल कुमार गोला फेक में कास्य पदक प्राप्त कर गंडई महाविद्यालय और नगर को गौरवान्वित किया है।.

solar pinal
solar pinal

कु. लक्ष्मी ध्रुव, तनमय पौषार्य, दुर्गेश निषाद एवं भुनेश्वर नेताम राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित 18 एवं 19 को जाने के लिए चयनित हुए है। प्राचार्य डॉ. एनएस वर्मा, जनभागीदारी अध्यक्ष दिलीप ओगरे, क्रीड़ा अधिकारी अनिता पौषार्य एवं समस्त महाविद्यालय परिवार ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
Ad by study point kgh


खबर शेयर करें..

Related Post

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।