Tue. Aug 4th, 2026

PM फसल बीमा के लिए 31 दिसंबर तक मौका.. किसान इन फसलों के लिए करा सकते हैं बीमा

pm_fasal_bima_yojana-sixteen_nin copy
खबर शेयर करें..

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। कृषकों के फसल को प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, कीटव्याधि, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से कृषकों होने वाले नुकसान से राहत दिलाने हेतु मौसम रबी 2023-24 के लिये प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई है। जिले के किसान मुख्य फसल-गेंहू सिंचित, गेहू असिंचित, चना एवं अन्य फसल अलसी, सरसो का बीमा करा सकते है।

बीमा में शामिल किये जाने वाले कृषक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत ऋणी एवं अऋणी कृषक जो भू-धारक व बटाईदार हो सम्मिलित हो सकते है। अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी गैर ऋणी कृषक जो योजना में सम्मिलित होने के इच्छुक हो वे बुआई पुष्टि प्रमाण पत्र सत्यापित कर एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना में सम्मिलित हो सकते है।

बीमा हेतु प्रीमियम राशि दर

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
telegram_logo_icon_168691 whatsapp-seeklogo[1] insta-png_5957085 facebook khabar 24x7 clipart1979393

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत् खरीफ फसलों के लिये 1.5 प्रतिशत कृषक प्रीमियम राशि निर्धारित है, जिसके अनुसार कृषक द्वारा देय प्रीमियम राशि रू. 630/- गेंहू सिंचित एवं रु. 345/- गेंहू असिंचित हेतु प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा। इसी प्रकार कृषक द्वारा चना फसल हेतु रू. 570/-, अलसी फराल हेतु रू. 240/-, सरसो फसल हेतु रू. 345/- प्रति हेक्टेयर की दर से देय होगा।pm_fasal_bima_yojana-sixteen_nin copy

बीमा कराने के लिये आवश्यक दस्तावेज

ऋणी कृषकों का बीमा संबंधित बैंक, सहकारी समिति द्वारा अनिवार्य रूप से किया जावेगा, उन्हें केवल घोषणा एवं बुवाई प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। अऋणी कृषकों को बैंक, सहकारी समिति एवं लोक सेवा केन्द्र में बीमा प्रस्ताव फार्म, नवीनतम आधारकार्ड, बैंक पासबुक, भू-स्वामित्व साक्ष्य (बी-1 पांचसाला)/किरायदार / साझेदार कृषक का दस्तावेज, बुवाई प्रमाण पत्र एवं घोषणा पत्र प्रदाय कर बीमा करा सकते हैं।

बीमा कहां करावें 

कृषकों द्वारा फसल बीमा कराने हेतु अपने संबंधित समिति, संबंधित बैंक, बीमा प्रदाय कंपनी (एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी लिमि.), लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते है।

कृषक हेतु महत्वपूर्ण बिंदु

एक की अधिसूचित क्षेत्र एवं अधिसूचित फसल के लिये अलग-अलग वित्तीय संस्थाओं से कृषि ऋण स्वीकृत होने की स्थिति में कृषक को एक ही स्थान से बीमा कराया जाना है। इसकी सूचना कृषक को संबंधित बैंक को देनी होगी। ऋणी एवं अऋणी कृषकों के द्वारा समान रकबा, खसरा का दोहरा बीमा कराने की स्थिति में कृष्क के समस्त दस्तावेज को निरस्त करने का अधिकार बीमा कंपनी के पास होगा। आधार कार्ड अनिवार्य फसल बीमा कराने के लिये समस्त ऋणी एवं अऋणी कृषक को आधार कार्ड की नवीनतम / अद्यतन छायाप्रति संबंधित बैंक / संस्थान हो अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाना है। आधार कार्ड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में फसल बीमा नहीं किया जा सकेगा।




खबर शेयर करें..

Related Post

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
Study point, kcg