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मुख्यमंत्री ने चकनार गौधाम, गौशाला का किया वर्चुअल शुभारंभ

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मुख्यमंत्री ने चकनार गौधाम, गौशाला का किया वर्चुअल शुभारंभ

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया // मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में गौधाम का शुभारंभ किया। इसी कड़ी में नगर के समीप ग्राम पंचायत चकनार नर्मदा के गौधाम गौशाला का भी वर्चुअल शुभारंभ किया गया।

इस मौके पर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ प्रेमकुमार पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता खम्हन ताम्रकार, गंड़‌ई नगर पंचायत अध्यक्ष लाल टारकेश्वर शाह खुशरों प्रमुख रूप से शामिल हुऐ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चलचित्र का पूजा अर्चना किया गया। तत्पश्चात गौवंश को तिलक लगाकर पूजा अर्चना किया गया।

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इसके बाद कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि एवं लोगों ने बिलासपुर से प्रसारित मुख्यमंत्री के गौधाम गौशाला का सीधा प्रसारण देखा। कार्यक्रम के पश्चात जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों ने ग्रामीण, गौ पालक एवं समुहो को योजना की जानकारी देकर क्षेत्र के अन्य ग्राम पंचायतों में भी गौधाम गौशाला खोलने के लिऐ लोगों को प्रेरित किया।

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पशु संरक्षण के लिऐ आवश्यक

कार्यक्रम में कलेक्टर ने योजना की महत्वपूर्ण जानकारी देकर लोगों को पशु संरक्षण के लिऐ प्रेरित किया। तथा चकनार गौधाम समिति के सफल प्रयास की सरहाना कर बधाई दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि खम्हन ताम्रकार ने कहा कि गौधाम योजना सरकार की गौ संरक्षण की दिशा पर महत्वपूर्ण योजना है।

गौ संरक्षण एवं घुमंतु मवेशी की सुरक्षा के लिऐ गौधाम गौशाला अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। सड़कों में लगातार घुमंतु मवेशियों की संख्या बढ़ रही है। जो आयें दिन दूर्घटना का शिकार हो रहें हैं। नगर अध्यक्ष लाल टारकेश्वर शाह खुसरो ने गौ माता का महत्व एवं आवश्यकता तथा वर्तमान स्थिति से अवगत करा कर गौधाम योजना को प्रत्येक ग्राम पंचायत की जरूरत बताया।

 

समुह ले सकते हैं योजना का लाभ

पशु विभाग के नोडल अधिकारी विनय मिश्रा ने जन समुह को बताया के पंचायत से समुह के द्वारा गौधाम खोला जा सकता है। जिसके अधोसंरचना निर्माण एवं मरम्मत के लिऐ प्रति वर्ष पांच लाख रूपये का अनुदान का प्रावधान है।

सौ से भी अधिक मवेशीयों का किया जा रहा देखभाल

इसके अलावा चारा विकास के लिऐ 47 हजार से पौने तीन लाख तक, प्रति माह 13126 रूपये गौसेवक को मानदेय तथा चरवाहा के लिऐ 10916 रूपये का प्रावधान है। साथ ही पशु पोषण आहार के लिऐ प्रति वर्ष प्रतिदिन की दर पर क्रमश: 10, 20, 30 एवं 35 रूपये राशि उपलब्ध कराया जायेगा। चकनार गौधाम में सौ से भी अधिक मवेशीयों की देखभाल किया जा रहा है। जिसे उत्तम चारा एवं चिकित्सित सुविधा भी मुहैय्या हो रहा है।

कार्यक्रम में ये रहे शामिल 

कार्यक्रम में सरपंच वंदना लालचंद पटेल, गौदाम समिति के अध्यक्ष कालू राम जंघेल, सुभाष, उत्तम राजपूत, इन्द्रजीत, श्रवण कुमार , दसरथ, पूनम, तारेश, विशाल मारूतकर, खिलावन सेन, अर्जून महोबिया, भुनेश यादव, बोधन सिंह मेरावी, देवी लाल, दूजे राम वर्मा, रमेश जंघेल, पवन पटेल, यशवंत पटेल, विशम्बर पटेल, अरविन्द जंघेल, राकेश कटारे, शंकर मानिकपुरी, गया राम जंघेल, बिजल यादव के अलावा पंचायत प्रतिनिधि, समिति के सदस्य एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहें।


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रिपोर्ट : रोहित देवांगन, गंडई
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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।