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सिस्टम से हारी संविदा कर्मी आरती यादव को श्रद्धांजलि, कर्मचारियों ने सुरक्षा और न्याय की उठाई मांग

Tribute to contract worker Aarti Yadav who lost to the system, employees raised demand for security and justiceसिस्टम से हारी संविदा कर्मी आरती यादव को श्रद्धांजलि, कर्मचारियों ने सुरक्षा और न्याय की उठाई मांग
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सिस्टम से हारी संविदा कर्मी आरती यादव को श्रद्धांजलि, कर्मचारियों ने सुरक्षा और न्याय की उठाई मांग

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने हाल ही में दिवंगत संविदा कर्मी आरती यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी उपस्थितजनों ने दो मिनट का मौन रखकर और मोमबत्तियाँ जलाकर अपनी भावनाएं प्रकट कीं। संगठन ने कहना है कि संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा तीन महीने से प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। ऐसे में आरती आर्थिक तंगी से भी जूझ रही थी। इस बीच अपने उच्चाधिकारियों का दबाव से वह क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली।

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दरअसल खैरागढ़ के छुईखदान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के उप स्वास्थ्य केंद्र जंगलपुर में स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर पदस्थ आरती यादव ने अपने दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा स्थित घर में 15 मई गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। जिस पर छत्तीसगढ़ प्रदेश सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संगठन का आरोप है कि उक्त महिला स्वास्थ्य अधिकारी ने विभागीय प्रताड़ना के चलते आत्महत्या की है।

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संगठन के कहना है कि आरती संविदा कर्मी थी। एक महीने पहले ही पति का देहांत हुआ था। उनकी एक साल की बच्ची भी है। पति के देहांत से वह आहत थी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं जा रही थी, लेकिन उनकी अनुपस्थिति की शिकायत शासन-प्रशासन से हो गई। इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय से उनको फोन आया कि जल्द ही डॺूटी ज्वाइन करो, नहीं तो तुहारी सैलरी कट जाएगी और सीआर भी खराब हो जाएगा। मजबूरन वह डॺूटी ज्वाइन की। इससे पहले वह स्थानांतरण दुर्ग कराने के लिए शासन-प्रशासन को आवेदन दे चुकी थी, लेकिन संविदा नौकरी होने के कारण सुनवाई नहीं हुई।

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बताया जा रहा कि स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ महिला कर्मियों के साथ ऐसे 25 से अधिक केस हो चुके हैं, जो ऑन रिकार्ड है। जिसमें महिलाओं के साथ छेड़छाड़, बलात्कार से लेकर मारपीट तक की घटनाएं शामिल हैं। प्रताड़ना से आत्महत्या की यह पहली घटना है, लेकिन कई घटनाएं ऐसी भी हैं, जो पुलिस थाने में दर्ज नहीं हो पाई हैं। और आज सिस्टम से हारी आरती की कहानी आज हर कर्मचारी की चिंता का विषय बन चुकी है।

 

सिस्टम से हारी संविदा कर्मी आरती यादव को श्रद्धांजलि, कर्मचारियों ने सुरक्षा और न्याय की उठाई मांगTribute to contract worker Aarti Yadav who lost to the system, employees raised demand for security and justiceइस अवसर पर हेमंत साहू ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि “आज प्रदेश भर से अधिकारी और कर्मचारी खैरागढ़ पहुँचे हैं, सभी की माँग है कि उनका जिला स्थाई रूप से पदस्थापन स्थल बने।” उन्होंने बताया कि आरती की मौत केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता का प्रतीक बन चुकी है।Tribute to contract worker Aarti Yadav who lost to the system, employees raised demand for security and justiceसिस्टम से हारी संविदा कर्मी आरती यादव को श्रद्धांजलि, कर्मचारियों ने सुरक्षा और न्याय की उठाई मांग

 

कार्यक्रम में मौजूद जिलाध्यक्ष हंसराम वर्मा ने कहा, “हम वर्षों से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर प्रभावी नीति की माँग करते आ रहे हैं, लेकिन हर बार हमारी माँग फाइलों में दबी रह जाती है।”

 

इस दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वस्थ कर्मचारी संघ, जिलाध्यक्ष-हंशा राम वर्मा, हेमंत साहू cho, ब्लॉक अध्यक्ष-अंजलि राणाड़े, मजूषा वारके, ब्लॉक अध्यक्ष -मनीषा टंडन, जिलाध्यक्ष अध्यक्ष-भूमि सिन्हा, जिलाध्यक्ष आयुर्वेद-कमलेश जांगड़े, विनोद रावटे, ऋषि सिंह, श्रीमति दुर्गेशनंदिनी श्रीवास्तव, नेहा टंडन, नेहरू जंघेल, हरिओम शर्मा,  कमलेश साहू, सुरेश मंडावी, अम्बिका मोनिका, चित्रलेखा, मनीषा वर्मा, चिरंजिव, नेहरू जंघेल, प्रियंका, रीना, चित्रा, नेहा चंदेल, करिश्मा,  ललिता सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे जिन्होंने एक स्वर में शासन-प्रशासन से अपील की कि महिला कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा, मानसिक सहयोग, और त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जाए।




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