पानी की कमी, महिलाओं ने किया पालिका का घेराव, अध्यक्ष गिरिजा नदारद, सभापति अजय जैन ने कहा 24 घंटे में लगाएंगे नया पंप
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 20 स्थित अटल आवास कॉलोनी में पिछले 15 दिनों से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान कॉलोनीवासियों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया और लोगों ने पेयजल संकट के विरोध में नगर पालिका पहुंचकर घेराव कर दिया। इस दौरान महिलाओं में खासा आक्रोश देखने को मिला। बुनियादी जरूरत पानी के लिए लोगों को इस तरह परेशान होना पड़े, यह नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जल विभाग के सभापति अजय जैन ने संभाला मोर्चा, 24 घंटे में नया पंप लगाने का भरोसा
नगर पालिका के घेराव के दौरान जल विभाग के सभापति अजय जैन ने नाराज लोगों को समझाइश दी और समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटे के भीतर पंप हाउस में नया पंप लगा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि नगर पालिका के पास इसके लिए पर्याप्त राशि नहीं होगी, तो वे स्वयं अपने पैसे खर्च कर पंप लगवाएंगे।
सभापति ने आक्रोशित महिलाओं को शांत कराते हुए तत्काल अटल आवास कॉलोनी में छह पानी के टैंकर भेजने की व्यवस्था कराई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कॉलोनी में पानी की समस्या नहीं होनी चाहिए और किसी भी कीमत पर लोगों की पेयजल आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।

टैंकरों के भरोसे कब तक रहेंगे कॉलोनीवासी?
अटल आवास कॉलोनी में पंप खराब होने के कारण नल से पानी की आपूर्ति बंद होने की बात सामने आई है। हालांकि, समस्या के समाधान के लिए टैंकरों से पानी पहुंचाने का दावा किया जा रहा था, लेकिन रहवासियों की शिकायत है कि यह व्यवस्था न तो नियमित है और न ही पूरी कॉलोनी की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त।
पानी की किल्लत का सबसे ज्यादा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। घरों में पानी नहीं होने से खाना बनाने, साफ-सफाई और अन्य दैनिक कार्यों में परेशानी हो रही है। सुबह के समय बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजना भी अभिभावकों के लिए चुनौती बन गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक खराब पंप के कारण पूरी कॉलोनी की जलापूर्ति 12 दिनों तक ठप कैसे रह सकती है?
जल विभाग की व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल
इस मामले में एक और गंभीर पहलू जल विभाग की तकनीकी व्यवस्था से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पंप हाउस की मशीन खराब होने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान समय पर नहीं हो सका। वहीं, जल विभाग में तकनीकी संसाधनों की मरम्मत और आपूर्ति के लिए वार्षिक रखरखाव ठेका (एएमसी) नहीं होने की बात भी सामने आई है। यदि यह स्थिति सही है, तो यह व्यवस्था की तैयारी और जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है।

आश्वासन के बाद अब 24 घंटे की समयसीमा पर नजर
नगर पालिका घेराव के बाद तत्काल छह टैंकर भेजे जाने से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन रहवासी केवल टैंकरों के भरोसे नहीं रहना चाहते। उनकी मांग है कि खराब पंप को बदलकर नियमित नल जल आपूर्ति बहाल की जाए और जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक पर्याप्त मात्रा में नियमित अंतराल पर टैंकर भेजे जाएं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर पालिका निर्धारित 24 घंटे के भीतर नया पंप लगाकर पेयजल आपूर्ति बहाल कर पाएगी? फिलहाल, कॉलोनीवासियों की निगाहें सभापति के आश्वासन और नगर पालिका प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि इस बार आश्वासन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा और उन्हें रोजमर्रा की जरूरत के लिए पानी के संकट से मुक्ति मिलेगी।


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