भक्तों ने खींचा रथ, पांडादाह में भक्तो के कांधों पर निकले भगवान जगन्नाथ
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ में भगवान जगन्नाथ का रथ भक्तों ने श्रद्धा के साथ रथ खींचा तो वही पांडादाह में भगवान कांधों पर विराजे और भक्तों को दर्शन दिये । इस दौरान हजारों की संख्या में भक्त पहुंचे।
भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पावन रथयात्रा गुरुवार को जिला मुख्यालय खैरागढ़ तथा पूर्व राजनांदगांव रियासत की राजधानी रहे पांडादाह में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ निकाली गई।

सुबह से ही शुरू हुआ पूजा पाठ
सुबह से ही दोनों स्थानों के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया था। भगवान के दर्शन और रथयात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा। जिले के विभिन्न गांवों सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु खैरागढ़ और पांडादाह पहुंचे।

खैरागढ़ में गैंदबिहारी मंदिर से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा प्रारंभ हुई। श्रद्धालुओं ने स्वयं भगवान के रथ को खींचकर पुण्य लाभ अर्जित किया। रथयात्रा दंतेश्वरी मंदिर, अस्पताल चौक, ठाकुर पारा, इतवारी बाजार, बख्शी मार्ग, किल्लापारा और बस स्टैंड होते हुए पुनः गैंदबिहारी मंदिर पहुंची।

जगन्नाथ जी को लगा गजा मुंग का भोग
पूरे मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भगवान की पूजा-अर्चना, आरती और पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद के रूप में पारंपरिक गजा और मूंग का भोग लगा और प्रसाद वितरित किया गया। रथयात्रा के दौरान नगर के बाजारों में मेले जैसा माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में परिवार, महिलाएं और बच्चे धार्मिक आयोजन का हिस्सा बने। वहीं, यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरे मार्ग पर मुस्तैद रहा।

इधर, पांडादाह में आयोजित भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथयात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को भक्त अपने कंधों पर उठाकर पूरे मंदिर परिसर की परिक्रमा कराते हैं। इस अनूठी धार्मिक परंपरा को देखने के लिए दूर-दूर के गांवों तथा पड़ोसी जिलों से भी हजारों श्रद्धालु पांडादाह पहुंचे।
मंदिर समिति द्वारा आयोजित धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम के अंतर्गत रथयात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक मेले का भी आयोजन हुआ, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। श्रद्धालुओं की आस्था, जय जगन्नाथ के जयघोष और भक्ति संगीत से पूरा क्षेत्र दिनभर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।


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