खैरागढ़ को सूखाग्रस्त घोषित करने, 24 घंटे बिजली और देवास मॉडल लागू करने की मांग को लेकर किसान संघ ने दिया ज्ञापन
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। अल्प वर्षा से प्रभावित गांवों को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित करने, किसानों को राहत देने और सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रदेश किसान संघ के संयोजक सुदेश टीकम ने जिला प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। उन्होंने सूखे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए मध्य प्रदेश के देवास मॉडल को खैरागढ़ जिले में लागू करने का प्रस्ताव भी रखा।
सुदेश टीकम ने कहा कि जिले के कई गांव अल्प वर्षा से प्रभावित हैं। स्थिति यह है कि कुछ क्षेत्रों में एक खेत से दूसरे खेत तक पानी का बहाव तक नहीं हुआ है। ऐसे में किसानों के सामने विकट सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने मांग की कि जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित कर शासन के विभिन्न प्रावधानों के तहत किसानों को राहत प्रदान की जाए।
सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली की मांग
किसान संघ के संयोजक ने कहा कि किसान सिंचाई के माध्यम से अपनी फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बिजली कटौती बड़ी बाधा बनी हुई है। वर्तमान में मुश्किल से 5 से 6 घंटे बिजली मिल पा रही है। उन्होंने तत्काल बिजली कटौती बंद कर सिंचाई के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।

सूखे के स्थायी समाधान के लिए देवास मॉडल का प्रस्ताव
सुदेश टीकम ने सूखे की समस्या के स्थायी समाधान के लिए देवास मॉडल लागू करने की जरूरत बताई। उन्होंने बताया कि 1990 के दशक में देवास में ट्रेन के माध्यम से टैंकों में पानी लाकर लोगों की पेयजल जरूरत पूरी की जाती थी। इसके बाद वर्ष 2006 से किसानों और जिला प्रशासन के सहयोग से व्यापक स्तर पर जल संरक्षण के कार्य किए गए।
उन्होंने कहा कि देवास में गांव-गांव तालाबों का निर्माण किया गया। किसानों के खेतों और सार्वजनिक स्थानों पर जल संरचनाएं बनाई गईं, जिससे भूजल स्तर में सुधार हुआ। उन्होंने दावा किया कि जिस क्षेत्र में पहले 1100 फीट तक गहराई में पानी की तलाश की जाती थी, वहां आज पेयजल और सिंचाई के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ी है तथा किसान 2 से 3 फसलें पैदा कर रहे हैं।
टीकम ने कहा कि देवास में लगभग 800 मिलीमीटर वार्षिक वर्षा होती है, जबकि खैरागढ़ क्षेत्र में 1100 से 1200 मिलीमीटर तक बारिश होती है। ऐसे में वर्षा जल का बेहतर संरक्षण कर सूखे की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है। उन्होंने शासन-प्रशासन और समाज से मिलकर जल संरक्षण की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यदि 1200 मिलीमीटर बारिश के पानी को व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जाए, तो किसानों को भविष्य में दो वर्षों तक तीन फसलों के लिए पानी उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है।

धान खरीदी ₹3358 प्रति क्विंटल करने की मांग
प्रदेश किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे जाने वाले ज्ञापन में समर्थन मूल्य बढ़ोतरी का लाभ किसानों को देने की मांग भी शामिल की है। यह मांग संगठन के ‘दाम सत्याग्रह’ अभियान का हिस्सा है।
सुदेश टीकम के अनुसार, वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य में ₹117 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि वर्ष 2025-26 में ₹69 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई। वर्ष 2026-27 की धान खरीदी के लिए ₹72 प्रति क्विंटल वृद्धि की घोषणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने इस वर्ष धान की खरीदी ₹3358 प्रति क्विंटल की दर से करने की मांग रखी।
इसके अलावा उन्होंने किसानों को पूर्व वर्षों की बढ़ोतरी का लाभ देने और पिछली सरकार के कार्यकाल की राजीव गांधी न्याय योजना की एक बकाया किश्त का भुगतान करने की मांग भी उठाई।
समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने की मांग
किसान संघ ने केंद्र सरकार से समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने की मांग की है। टीकम ने कहा कि धान के साथ-साथ सोयाबीन, चना और अन्य फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों को भी उनकी उपज का समर्थन मूल्य सुनिश्चित होना चाहिए। इसके लिए कानूनी गारंटी की आवश्यकता है।
5 तारीख को रायपुर में दाम सत्याग्रह आंदोलन
सुदेश टीकम ने जिले और प्रदेश के किसानों को 5 तारीख को रायपुर में आयोजित होने वाले ‘दाम सत्याग्रह’ आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन के माध्यम से एकजुटता प्रदर्शित की जाएगी और शासन के समक्ष अपनी बात रखी जाएगी।


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