Mon. Oct 12th, 2026

साल्हेवारा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई महाराजा अग्रसेन जयंती, समाज ने दिया एकता और समानता का संदेश

साल्हेवारा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई महाराजा अग्रसेन जयंती, समाज ने दिया एकता और समानता का संदेश
खबर शेयर करें..

साल्हेवारा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई महाराजा अग्रसेन जयंती, समाज ने दिया एकता और समानता का संदेश

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 साल्हेवारा। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ग्राम साल्हेवारा में अग्रवाल समाज द्वारा महाराजा अग्रसेन जयंती श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पंचायत भवन में समाज के लोगों ने महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की। कार्यक्रम के दौरान समाज की एकता, सेवा भावना और महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को याद किया गया।

 

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
telegram_logo_icon_168691 whatsapp-seeklogo[1] insta-png_5957085 facebook khabar 24x7 clipart1979393

जयंती के अवसर पर भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और बच्चों के लिए प्रेरणादायक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के आयोजन के माध्यम से सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को महाराजा अग्रसेन के विचारों और आदर्शों से परिचित कराना है।साल्हेवारा में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई महाराजा अग्रसेन जयंती, समाज ने दिया एकता और समानता का संदेश

 

सेवा और सामाजिक समरसता का संदेश

महाराजा अग्रसेन जयंती समाज सेवा और जरूरतमंदों की सहायता के संकल्प के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर प्रसाद, खीर और मिष्ठान्न वितरण जैसी सेवा गतिविधियों के माध्यम से लोगों के बीच सहयोग एवं सद्भाव का संदेश दिया जाता है। अग्रवाल समाज की परंपरा में रक्तदान शिविर और निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर जैसे जनसेवा के कार्यों को भी विशेष महत्व दिया जाता है।

यह भी पढ़ें : पानी की कमी, महिलाओं ने किया पालिका का घेराव, अध्यक्ष गिरिजा नदारद, सभापति अजय जैन ने कहा 24 घंटे में लगाएंगे नया पंप

‘एक ईंट, एक रुपया’ का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक

महाराजा अग्रसेन के आदर्शों में सामाजिक समानता, सहयोग और आर्थिक समरसता का विशेष स्थान है। उनसे जुड़ी ‘एक ईंट, एक रुपया’ की परंपरा के अनुसार, किसी नए परिवार को बसाने के लिए समाज के प्रत्येक परिवार से एक ईंट और एक रुपया सहयोग के रूप में देने की भावना रही है। इस परंपरा का मूल उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहारा देना और समाज में आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना था।

यह भी पढ़ें : नवरात्रि मेले में 1,100 से अधिक पुलिस बल की तैनाती, 30 राजपत्रित अधिकारी एवं 50 निरीक्षक स्तर के अधिकारी संभालेंगे सुरक्षा व्यवस्था

महाराजा अग्रसेन के आदर्श आज भी समाज को समानता, भाईचारे, सेवा और परस्पर सहयोग की प्रेरणा देते हैं। साल्हेवारा में आयोजित जयंती कार्यक्रम ने इन्हीं मूल्यों को याद करने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया।




खबर शेयर करें..

Related Post

Leave a Reply

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!