छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 ख़ैरागढ़// रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय अमलीडीह कला में बालिकाओं को कराटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण लेने वाली बालिकाओं ने बताया कि प्रशिक्षण लेकर उनमें एक आत्मविश्वास आया है। विषम परिस्थितियों में किस प्रकार साहस एवं बहादुरी से काम लेना है। प्रशिक्षण से उन्होंने आत्मरक्षा के गुण सीखें है एवं यह भी सीखा कि किस प्रकार यह प्रशिक्षण परीक्षा के तनाव को दूर करने में भी उपयोगी है। शरीर को फिट रखने एवं वजन नियंत्रित करने में सहायक है। मास्टर ट्रेनर भारती यादव ने बताया कि प्रशिक्षण में बालिकाओं को कराटे के द्वारा आत्मरक्षा के गुण सिखाए जा रहे हैं। कराटे में पंच, किक एवं डिफेंस सिखाया जा रहा है, ताकि बालिकाएं अपने हाथों से बचाव करना एवं मारना दोनों सीख पाएं और सशक्त बने।
रूपेश कुमार देवांगन प्रधान पाठक की देखरेख में आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने आई दक्ष प्रशिक्षक भारती यादव ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाया। प्रधान पाठक देवांगन ने बताया कि वर्तमान समय में महिला अत्याचार व छेड़छाड़ की घटनाएं समाज में बढ़ रही है। ऐसी घटनाओं के घटित होने के बावजूद बालिकाएं जानकारी के अभाव में सब-कुछ सहन कर लेती है, लेकिन ऐसी घटनाओं को सहन करने की जगह उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सशक्तिकरण व स्वालंबन के विषय पर भी विस्तार से चर्चा की।
अच्छा नागरिक बनने के लिए किया प्रेरित
छात्र-छात्राओं को स्पीकअप ऐप, बालकों को सड़क सुरक्षा नियम की पालना व हेलमेट प्रयोग, कानूनी विषयों की जानकारी और पुलिस का सहयोग कर अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। आत्मरक्षा मास्टर ट्रेनर भारती यादव ने कौशलों के माध्यम से आकस्मिक आक्रमण से खूद की सुरक्षा करना, पंच मारना, पैरों से हमला करना, गर्दन मरोड़ के नीचे पटकना, गला दबाना के अलावा खूद की सुरक्षा में मिर्च पाउडर का इस्तेमाल सहित कई प्रकार के टिप्स दिए।



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