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दो वर्षो से अपहृत थी बालिका: पूणे महाराष्ट्र से पुलिस ने किया बरामद..अपहरण के आरोपी को भेजा रिमांड पर

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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया// 13 जुलाई 2021 को थाना क्षेत्र के प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी नाबालिक लडकी को कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा बहला फुसलाकर अपहरण कर ले गया है कि रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 363 भादवि कायम कर विवेचना में लिया गया था।

विवेचना के दौरान आपरेशन मुस्कान के तहत् गंडई पुलिस स्टाॅप द्वारा नए सिरे से अपहृत बालिका के पता तलास हेतु लगातार प्रयास किया गया। वही प्राप्त सूचना के आधार पर उप निरीक्षक प्रियंका पैकरा के नेतृत्व में टीम तैयार कर महाराष्ट्र भेजा गया टीम के द्वारा हाल ही 03 मार्च को अपहरणकर्ता आरोपी धनराज के कब्जे से अपहृता को पूणे महाराष्ट्र से बरामद कर थाना लाया गया।

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आरोपी धनराज गायकवाड़ पिता अंकलहा गायकवाड़ उम्र 23 साल निवासी ग्राम पथरपुंजी थाना बेरला जिला बेमेतरा द्वारा प्रार्थी के नाबालिक लडकी को शादी का प्रलोभन देकर भगाकर महाराष्ट्र पूणे ले जाकर उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाये जाने स्वीकार करने पर प्रकरण में धारा 366(क), 376(2)(छ) भा0द0स0 4, 6 पाक्सों एक्ट जोडा गया एवं आरोपी को ज्यूडिशियल रिमाण्ड पर जेल भेजा गया है।

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उक्त कार्यवही में उप निरीक्षक प्रियंका पैकरा, सउनि नारायण सिन्हा, सउनि ध्रुरवाराम नागवंशी ,प्रआर संतोष मंडावी, सुन्दरूराम चन्द्रवंशी आरक्षक नरेश ठाकुर, मनोज बंजारे ईश्वर मरकाम एवं सायबर सेल खैरागढ़ का सराहनीय भूमिका रहा।


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error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।