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नई शिक्षा नीति की झलक: बच्चों की चित्रकला में बस्ते से मुक्ति और कौशल की उड़ान

A glimpse of the new education policy: Freedom from school bags and flight of skills in children's paintings नई शिक्षा नीति की झलक: बच्चों की चित्रकला में बस्ते से मुक्ति और कौशल की उड़ान
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नई शिक्षा नीति की झलक: बच्चों की चित्रकला में बस्ते से मुक्ति और कौशल की उड़ान

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। नागरिक एकता मंच के तत्वावधान में ‘विकसित भारत 2047’ एवं ‘नई शिक्षा नीति (NEP 2020)’ विषय पर राष्ट्रीय स्तर की भव्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 370 बच्चों ने भाग लेकर अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

रंगों में उभरा भविष्य का भारत

प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने कैनवास पर ऐसे भारत की तस्वीर उकेरी जो आत्मनिर्भर, तकनीक-समृद्ध और शिक्षित है। चित्रों में बुलेट ट्रेन, आधुनिक हवाई अड्डे, अंतरिक्ष में उड़ते भारतीय रॉकेट, सौर ऊर्जा से संचालित शहर और डिजिटल क्लासरूम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

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नई शिक्षा नीति का सशक्त संदेश

नई शिक्षा नीति पर केंद्रित चित्रों में ‘बस्ते के बोझ से मुक्ति’, ‘कौशल आधारित शिक्षा’ और ‘रटंत विद्या से आज़ादी’ को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।

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एक चित्र में पुरानी शिक्षा व्यवस्था के प्रतीक के रूप में भारी स्कूल बैग से दबा बच्चा दिखाया गया, जबकि दूसरी ओर टैबलेट, कोडिंग और तकनीकी औज़ारों के साथ मुस्कुराता बच्चा नई शिक्षा नीति का प्रतीक बना।

गांव तक पहुंचती आधुनिक शिक्षा

कुछ चित्रों में ग्रामीण परिवेश में पेड़ के नीचे बैठकर छात्र लैपटॉप और वर्चुअल रियलिटी हेडसेट के माध्यम से पढ़ाई करते नजर आए। यह दर्शाता है कि नई शिक्षा नीति तकनीक के जरिए शहर और गांव के बीच की शैक्षणिक दूरी को कम कर रही है।

संस्कृति और आधुनिकता का संगम

एक विशेष चित्र में ‘ज्ञान का वृक्ष’ दर्शाया गया, जिसकी जड़ों में वेद और प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय की झलक है, जबकि शाखाओं पर आधुनिक विज्ञान और वैश्विक शोध के फल लगे हैं। यह कृति भारतीय मूल्यों और आधुनिक शिक्षा के संतुलन को दर्शाती है।

मुख्य अतिथि भागवत शरण सिंह, समाजसेवी एवं सांसद प्रतिनिधि ने कहा “इन बच्चों के चित्रों में जो भारत दिखाई दे रहा है, वही आने वाले समय की वास्तविकता है। नई शिक्षा नीति इन्हीं नन्हे वैज्ञानिकों और कलाकारों को सही दिशा देने का माध्यम बनेगी।”

श्रीमती गिरजा चंद्राकर, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद खैरागढ़ ने कहा “बच्चों को ऐसा मंच देना, जहाँ वे राष्ट्रीय भावना और शिक्षा के लक्ष्यों को कला के माध्यम से व्यक्त कर सकें, अत्यंत सराहनीय है। बच्चों की रचनात्मकता को प्रत्यक्ष देखना अद्भुत अनुभव रहा।”

डॉ. विवेक बिसेन ने कहा “ऐसे आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा निखरकर सामने आती है और उनमें आत्मविश्वास का विकास होता है।”

रिपोर्टर प्रशांत सहारे ने कहा “डिजिटल इंडिया और शिक्षा का यह संगम दर्शाता है कि नई शिक्षा नीति तकनीक के माध्यम से हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने में सक्षम है।”

कार्यक्रम संयोजक किशोर शर्मा ने बताया “यह नागरिक एकता मंच के तत्वावधान में आयोजित बारहवां निःशुल्क आयोजन है। हमारा उद्देश्य बच्चों को कला के माध्यम से सामाजिक, शैक्षणिक और राष्ट्रीय विषयों से जोड़कर उनके सृजन को प्रोत्साहित करना है।”

चार आयु वर्गों में प्रतियोगिता

प्रतियोगिता को चार आयु वर्गों में विभाजित किया गया। निर्णायक मंडल ने रचनात्मकता, विषय की स्पष्टता एवं रंग संयोजन के आधार पर विजेताओं का चयन किया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।A glimpse of the new education policy: Freedom from school bags and flight of skills in children's paintings नई शिक्षा नीति की झलक: बच्चों की चित्रकला में बस्ते से मुक्ति और कौशल की उड़ान

इस अवसर पर शिक्षक संदीप जंघेल, सुधांशु झा, छत्रपाल परिहार, अशोक जंघेल, समाजसेवी मंगल सारथी, जहिन खान, समसुल होदा खान, उत्तम बागड़े, नीलम राजपूत, वंदना टांडेकर, डॉ. जयप्रभा शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे।

A glimpse of the new education policy: Freedom from school bags and flight of skills in children’s paintings




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