महादेव सट्टा ऐप मामले में पहली बार दुबई में कार्रवाई
⭕ सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ₹21.45 करोड़ की संपत्तियां अटैच
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 रायपुर// ईडी ने पहली बार महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के फरार प्रमोटर्स सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित उनके करीबी लोगों की 21.45 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों को अटैच किया है, इसमें छत्तीसगढ़ के भिलाई-दुर्ग, राजस्थान के जयपुर और नई दिल्ली के साथ ही दुबई की संपत्तियां शामिल है।
ईडी ने पहली बार देश के बाहर कार्रवाई की है। अटैच की गई सर्पत्तियों में कृषि भूमि, मकान, दुकान, प्लाट, लग्जरी अपार्टमेंट, महिंद्रा थार, टोयोटा फॉर्च्यूनर सहित अन्य वाहन शामिल है। यह कार्रवाई ईडी के रायपुर जोनल ऑफिस द्वारा प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डिंग एक्ट तहत की गई है।
सौरभ और रवि की दुबई स्थित प्रॉपर्टी के अटैचमेंट को विदेश = मंत्रालय के माध्यम से करवाया जाएगा। ईडी ने रिलिज जारी कर बताया है कि जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार चल-अचल संपत्तियों को अटैच की गई है।
उक्त संपत्तियां महादेव सट्टा के जरिए अर्जित की गई अवैध रकम से खरीदी गई है। बता दें कि महादेव सट्टा मामले में 175 ठिकानों में छापेमारी 13 लोगों को गिरफ्तार और 74 संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है। साथ ही विशेष न्यायाधीश की अदालत में 5 चालान पेश कर कुल 2621 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अचैट किया गया है।
म्यूल और डमी बैंक खातों के जरिए खेल
जांच में पता चला कि प्रमोटर इंन पैनलों से होने वाले कुल मुनाफे का 70-75 फीसदी हिस्सा रखते थे। जबकि बाकी पैनल ऑपरेटरों को कमीशन के रूप में मिलता था। वह रकम को हजारों “म्यूल” या “डमी” बैंक खातों के जरिए लेयर करते थे। उन्हें अनजान लोगों के केवायसी डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल करके खोलते थे।
छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू करने पर एक बड़े सट्टेबाजी सिंडिकेट का खुलासा हुआ। यह प्लेटफॉर्म टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड 365 और लेजर 247 जैसे डोमेन नामों के ज़रिए अवैध सट्टेबाजी कराई जाती थी।
यह ऑपरेशन सहयोगियों द्वारा मैनेज किए जाने वाले “पैनल/ब्रांच” के फ्रेंचाइजी मॉडल के ज़रिए चलता था, जबकि मुख्य प्रमोटर, सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से काम करते थे।![]()
इनकी संपत्तियां शामिल
ईडी ने महादेव सट्टा के फरार मुख्य प्रमोटर्स रवि उप्पल की दुबई (एट्रिया रा) में करीब 6.75 करोड़ की एक विदेशी संपत्ति अटैच की गई है। सौरभ चंद्राकर के करीबी पैनल ऑपरेटर रजत कुमार सिंह की करीब करोड़ रुपए की भिलाई और दुबई की संपत्तियां, पैनल ऑपरेटर सौरभ आहूजा और विशाल रमानी की 30 करोड़ की दुर्ग और भिलाई की संपत्तियां, पैनल ऑपरेटर विनय कुमार और हनी सिंह की 7 करोड़ सम्पत्ति शामिल है।
इसके अलावा जयपुर और नई दिल्ली में आवासीय संपत्तियां, महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर सहित अन्य वाहन, लकी गोयल की करीब 2.55 करोड़ की राजस्थान में कई दुकानें और प्लॉट, दुबई के पैनल ऑपरेटर की राजा गुप्ता की रायपुर में एक अचल संपत्ति अटैचमेंट करने की तैयारी चल रही है।


