Sat. Aug 1st, 2026

जंगल में सागौन पेड़ो की अवैध कटाई, वन विभाग की मौन सहमति, कार्यवाही शून्य

जंगल में सागौन पेड़ो की अवैध कटाई, वन विभाग की मौन सहमति, कार्यवाही शून्य
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जंगल में सागौन पेड़ो की अवैध कटाई, वन विभाग की मौन सहमति, कार्यवाही शून्य

⭕0 सागौन जैसे इमारती पेड़ो को दे रहे बलि।

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया // गंडई वन विभाग के अंतर्गत आने वाले ठाकुरटोला बीट के कक्ष क्रमांक 105 में सैकड़ो की संख्या में सागौन का पेड़ लगा हुआ है, जिसमे लगातार सागौन जैसे इमारती पेड़ो की अंधाधुन कटाई धड़ल्ले से किया जा रहा है।

काट रहे हरे-भरे पेड़ 

वन तस्कर या स्थानीय लोग मिलकर हरे-भरे पेड़ों को नष्ट कर रहे हैं जिससे पर्यावरण को नुकसान और वन्य जीवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है खनन, कृषि विस्तार, और विभागीय अधिकारी कर्मचारी और संबंधित बीट गार्ड की लापरवाही के कारण भी वनों का दायरा लगातार घट रहा है।

उक्त स्थल पर जाकर देखने पर 50 से अधिक सागौन और इमारती पेड़ो की ठूठ मात्र दिखाई देता है, उक्त पेड़ो को पूर्व से लेकर अब तक काटा गया है, महज 4 दिनों पहले 2 से 3 सागौन जैसे इमारती पेड़ो को और काटा गया है,जिसमे बकायदा कटे हुए ठूठ पर गीली मिट्टी का लेप लगा दिया गया है, ताकि संबंधित विभाग और आम राहगीरों को इसका पता न चल पाए।

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जंगल में सागौन पेड़ो की अवैध कटाई, वन विभाग की मौन सहमति, कार्यवाही शून्य

वन विभाग के सुस्ती का फायदा उठा रहे वन माफिया

छ ग शासन एवं केंद्र सरकार के द्वारा हरियाली कों लेकर विभिन्न प्रकार की योजनाएं चला रही है, जिसमे एक पेड़ मां के नाम, वनों के अंदर पौधारोपण वुमन फार ट्री सहित अन्य योजनाएं शामिल है। वही दूसरी ओर वन माफिया हर एक पेड़ो को काटने में तुली हुई है, इनके ऊपर कार्यवाही नही किया जाना, संबंधित विभाग के मिली भगत को इंगित करती है।

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कुम्हारी क्षेत्र के टिंबर मार्ट से प्रतिदिन कंडम गाड़ियां गंडई क्षेत्र में पहुंचती है, और वन माफिया और स्थानीय लोग मिलकर हरे भरे पेड़ो को बलि का भेट चढ़ाकर गाड़ी में भरकर ट्रांसफोर्ट किए जा रहे है। वनांचल क्षेत्र के इस जंगल का दायरा तेजी से सिमटता जा रहा है और वन्य जीवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है।

पूरा उजड़ सकता है जंगल 

यदि स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध कटाई की रोकथाम नहीं की गई तो ठाकुरटोला वन परिक्षेत्र के अंतर्गत जंगल पूरी तरह उजड़ सकता है जंगल क्षेत्र आसपास के गांव के लिए पर्यावरणीय संतुलन का प्रमुख आधार है। यदि जंगल ग्रामीणों को स्वच्छ हवा जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराता है तो ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से तत्काल छापेमारी अभियान चलाने नियमित गश्ती बढ़ाने तथा अवैध कटाई में संयुक्त लोगों पर कड़ी कार्यवाही की मांग की है, परंतु आज तक इनके ऊपर राजस्व, वन विभाग, और पंचायत ,पी डब्लू डी,सहित किसी भी विभाग उनके उपर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही नही की है। जिसका नतीजा है की सड़क किनारे,पंचायत अंतर्गत,एवं वनो में अंधाधुन कटाई हो रही है।

विकास हिरनवार डिप्टी रेंजर ठाकुरटोला से मोबाईल से संपर्क करने पर गोलमोल जवाब देते हुए बताया की कार्यवाही किया जा रहा है। जल्द ही दस्तावेज उच्च अधिकारी को भेज दी जाएगी।

एम एल खूंटे एसडीओ वन विभाग गंडई का कहना है की लकड़ी की कटाई के संबंध मे मुझे कुछ भी जानकारी नहीं है,संबंधित रेंज के बीट को पूछना पड़ेगा।


Rohit dewangan-gandai
रिपोर्ट : रोहित देवांगन, गंडई
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