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हो रही बारीश से सोयाबीन फसल को बारिश से नुकसान की आशंका, बीमित किसान 72 घंटे में दें यहाँ सूचना

हो रही बारीश से सोयाबीन फसल को बारिश से नुकसान की आशंका, बीमित किसान 72 घंटे में दें यहाँ सूचना
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हो रही बारीश से सोयाबीन फसल को बारिश से नुकसान की आशंका, बीमित किसान 72 घंटे में दें यहाँ सूचना

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // जिले में सोयाबीन की कटाई का समय चल रहा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण खड़ी और कटी हुई फसल को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। ऐसी स्थिति में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अधिसूचित ग्रामों के बीमित कृषकों को क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। इसके लिए किसानों को फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर देना जरूरी है।

 

कृषि विभाग के उप संचालक राजकुमार सोलंकी ने बताया कि किसान अपनी फसल क्षति की सूचना क्रियान्वयन बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 या 1800-11-6515 पर दे सकते हैं। साथ ही वे स्थानीय राजस्व या कृषि अधिकारियों, संबंधित बैंक अथवा जिला कृषि पदाधिकारी को भी लिखित रूप से सूचना भेज सकते हैं। सूचना में फसल का विवरण, नुकसान की मात्रा और कारण स्पष्ट रूप से दर्ज करना अनिवार्य है।

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फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी किसान की फसल को ओलावृष्टि, बादल फटना, जलप्लावन या आकाशीय बिजली से आगजनी जैसी स्थानीय आपदाओं से क्षति होती है तो व्यक्तिगत स्तर पर बीमित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। वहीं किसी अधिसूचित इकाई के 25 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में फसल को नुकसान होने पर उस इकाई के सभी बीमित किसानों को क्षतिपूर्ति का लाभ मिलेगा। हो रही बारीश से सोयाबीन फसल को बारिश से नुकसान की आशंका, बीमित किसान 72 घंटे में दें यहाँ सूचना

 

कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए फैलाई गई अथवा छोटे बंडलों में रखी फसल को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है। यदि बेमौसम वर्षा, चक्रवाती बारिश या ओलावृष्टि से ऐसी फसल का 25 प्रतिशत से अधिक नुकसान होता है, तो प्रभावित किसानों को जांच के बाद नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

 

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा में अपनी सूचना अवश्य दें, ताकि उन्हें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मिल सके और प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति प्राप्त हो सके।

The ongoing rains are likely to damage the soybean crop; insured farmers should report here within 72 hours.




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