छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 ख़ैरागढ़ // श्री रुक्खड़ स्वामी महोत्सव व महाशिवरात्रि को लेकर तैयारियों और बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। 15 फरवरी को चकनार (ख़ैरा) में स्थित नर्मदा कुंड से निकलने वाली विशाल हिंदू जन जागरण पदयात्रा को लेकर मां नर्मदा मंदिर में बैठक आयोजित की गई। Sri Rukkad Swami Temple
बैठक में हिंदू जन जागरण सेवा समिति के संरक्षक खम्हन ताम्रकार, अध्यक्ष प्रकाश जंघेल, अवध जंघेल, रोशन जंघेल, खेलन वर्मा, रमेश जंघेल, सुरेंद्र जंघेल, अनुज साहू, दिवाकर सोनी, बीरेंद्र जंघेल, विषभमर पटेल, रजे लाल पटेल, अलख पटेल, जितन्द्र पटेल, तहसील पटेल, ताकेश्वर जंघेल, यतीश कुंजाम, हरिचन्द वर्मा, खेमू वर्मा, हुकुम जंघेल, भुनेश्वर सेन, केश लाल मंडावी, थान सिंह वर्मा, अन्य धर्मप्रेमी युवा मौजूद रहे। Sri Rukkad Swami Temple

3 वर्षों से जारी है निर्बाध परम्परा
बैठक की जानकारी देते हुए संरक्षक खम्मन ताम्रकार ने बताया कि मां नर्मदा के कुंड में अवतरण का इतिहास तपस्वी संत श्री रुक्खड़ स्वामी बाबा से जुड़ा हुआ है। बाबा मां नर्मदा के अनन्य भक्त थे। इसी गौरवशाली विरासत को संजोते हुए विगत 3 वर्षों से “ख़ैरा से ख़ैरागढ़” तक प्रतिवर्ष पदयात्रा आरंभ की गई है। जिसमें कांवड़ यात्रा के माध्यम से मां नर्मदा का जल श्री रुक्खड़ बाबा को चढ़ाया जाता है। जिसके बाद श्री रुक्खड़ स्वामी महोत्सव व महाशिवरात्रि पर्व का आगाज़ होता है। इस वर्ष परंपरा नुसार आगामी 15 फरवरी को विशाल हिंदू जनजागरण पदयात्रा व कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। जिसको लेकर बैठक आयोजित की जाएगी। Sri Rukkad Swami Temple
4 को किया जाएगा प्रसादी का वितरण, 7 को श्रमदान
जनजागरण समिति के अध्यक्ष प्रकाश जंघेल ने बताया कि मां नर्मदा महोत्सव के अवसर 4 फरवरी को 11 बज़े प्रसाद वितरण किया जाएगा। और 7 फरवरी को श्रमदान के साथ मेला परिसर की सफ़ाई कर प्रतिवर्ष अनुसार स्वच्छता का संदेश दिया जाएगा।
बड़ी संख्या में शामिल होते हैं वनवासी क्षेत्र धर्मप्रेमी
पदयात्रा में बड़ी संख्या में वनवासी क्षेत्र के धर्मप्रेमी शामिल होते हैं। जो महाशिवरात्रि से 2 दिन पहले मां नर्मदा का जल कांवड़ के माध्यम से लाकर श्री रुक्खड़ स्वामी मंदिर में शिवलिंग पर अर्पित करते हैं।
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