छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़// इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय का 68वां स्थापना दिवस संस्थापकों को याद कर मनाया गया। कुलसचिव सहित उपस्थित अतिथियों द्वारा राजा वीरेन्द्र बहादु सिंह, रानी पद्मावती देवी सिंह व उनकी पुत्री राजकुमारी इन्दिरा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। इसके पश्चात छात्रों द्वारा इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के कुलगीत की मनोरम प्रस्तुति दी गई।
संस्थापकों के समर्थन से विवि को ऊंचाई तक ले जाना है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कुलसचिव प्रेम कुमार पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय की गरिमा को आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास हम करते रहेंगे। संस्थापकों के समर्थन तथा शासन-प्रशासन के सहयोग से विश्वविद्यालय को अधिक ऊँचाई तक ले जाना है।

उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर अवसर प्रदान करेंगे जिससे उनकी प्रतिभा निखरकर सामने आयेगी जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर पायेंगे। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुये कहा कि आने वाले समय में आप सभी एक महान कलाकार बनें और अपने गुरूओं सहित इस विश्वविद्यालय का नाम रौशन करें।
इससे पहले कला संकाय की अधिष्ठाता प्रो.डॉ. मृदुला शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलगीत में ही यहां का आदर्श समाहित है जिसे हमें अपने जीवन में उतारना है। इसके साथ ही हमें कलाओं के संरक्षण व संवर्धन को लेकर अपना दायित्व भी निभाना चाहिये। उन्होंने आगे कहा कि राजा-रानी ने अपनी पुत्री राजकुमारी इंदिरा की याद में जो बीजारोपण किये थे वह आज विशाल वट वृक्ष के रूप में नजर आ रही है जिसके संरक्षण की जिम्मेदारी अब हमारी है।
कार्यक्रम का संचालन डी.एस.डब्ल्यू की प्रभारी डॉ. देवमाईत मिंज ने की। इस अवसर पर अधिष्ठाता दृश्यकला संकाय प्रो. डॉ. राजन यादव, अधिष्ठाता संगीत संकाय प्रो. डॉ. नमन दत्त, अधिष्ठाता लोक संगीत संकाय डॉ. योगेन्द्र चौबे, सहायक कुलसचिव राजेश कुमार गुप्ता सहित प्राध्यापकगण, अधिकारी, कर्मचारी तथा छात्रगण मौजूद रहे।
