Breaking
Mon. Feb 16th, 2026

तालाब में डुबोकर हत्या का मामला: आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास

तालाब में डुबोकर हत्या का मामला: आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास
खबर शेयर करें..

तालाब में डुबोकर हत्या का मामला: आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने हत्या के एक गंभीर और चर्चित मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। माननीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कु. मोहनी कंवर के न्यायालय ने थाना खैरागढ़ के सत्र प्रकरण क्रमांक 15/23 में आरोपी धनंजय बाग को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

 

solar pinal
solar pinal

न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के अंतर्गत आजीवन सश्रम कारावास एवं 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके साथ ही धारा 323 (मारपीट) के तहत 6 माह का सश्रम कारावास तथा 500 रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई है। अदालत ने आदेश दिया है कि दोनों सजाएं साथ-साथ भुगती जाएंगी।

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..

 

अभियोजन के अनुसार यह घटना थाना खैरागढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हीरावाही स्थित तालाब की है। घटना की रात आरोपी धनंजय बाग अपने साथी मोहन राय के साथ मारपीट कर रहा था। उसी दौरान मृतक अशोक बर्मन बीच-बचाव करने मौके पर पहुंचा। अभियोजन का कहना है कि आरोपी ने मोहन राय को छोड़कर अशोक बर्मन पर बांस के डंडे से हमला किया।तालाब में डुबोकर हत्या का मामला: आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास Case of murder by drowning in a pond: Life imprisonment for the accused

 

बताया गया कि हमले के बाद जब अशोक बर्मन जान बचाकर भागने लगा, तो आरोपी ने उसे पकड़कर तालाब के अंदर खींच लिया और पानी में बार-बार डुबोकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में प्रस्तुत किया।

 

इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एजीपी ज्ञानदास बंजारे द्वारा की गई। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष कुल 14 गवाह प्रस्तुत किए तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध कराया। माननीय न्यायालय ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों का परीक्षण करने के उपरांत आरोपी को दोषी ठहराया।

 

आरोपी धनंजय बाग, पिता सुबीर किरण बाग, उम्र लगभग 33 वर्ष, रायपुर का निवासी है और खैरागढ़ क्षेत्र में कार्यरत था। वहीं मृतक अशोक बर्मन बाहर का निवासी था और संजय ढीमर के ठेके के अंतर्गत तालाब की रखवाली का कार्य करता था।

 

फैसले के बाद न्यायालय ने आरोपी को जेल भेजने का वारंट जारी कर दिया है। यह निर्णय न्याय व्यवस्था में विश्वास को सुदृढ़ करने वाला माना जा रहा है।




खबर शेयर करें..

Related Post

Leave a Reply

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!