पेयजल संकट से परेशान ग्रामीणों ने सुशासन तिहार शिविर में अधिकारियों की पूजा कर जताया विरोध
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 सक्ती। जिले के ग्राम खरकेना के ग्रामीणों ने वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर सुशासन तिहार शिविर में अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। ग्रामीण कर (अर्थ) नापते हुए धुरकोट में आयोजित शिविर पहुंचे और नारियल व अगरबत्ती से अधिकारियों की पूजा कर प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से भीषण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। गांव में पीने के पानी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

1000 फिट में भी नहीं मिल रहा पानी
शिविर में ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि क्षेत्र में भूजल स्तर इतना नीचे चला गया है कि 1000 फीट की गहराई तक बोरिंग कराने के बाद भी पर्याप्त पेयजल नहीं मिल रहा है। इसके बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।![]()
कई बार आवेदन पर भी नहीं हुआ मांग पूरा
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
सुशासन तिहार शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आगे और बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए शिविर में मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायत पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए जल्द प्रयास किए जाएंगे।
ग्रामीणों को अब प्रशासन की ओर से किए गए आश्वासन के धरातल पर उतरने का इंतजार है, ताकि वर्षों पुरानी पेयजल समस्या से उन्हें राहत मिल सके।


