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महंगाई की मार पिछले साल से ज्यादा लिया किसानों ने कर्ज, खैरागढ़ सबसे ज्यादा क़ृषि लोन

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महंगाई की मार पिछले साल से ज्यादा लिया किसानों ने कर्ज, खैरागढ़ सबसे ज्यादा क़ृषि लोन

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगाव / खैरागढ़ // खेती-किसानी में की बढ़ती लागत और महंगाई का असर किसानों की जरूरतों पर साफ दिखाई देने लगा है। बीज, खाद, कीटनाशक, डीजल, मजदूरी समेत खेती से जुड़े दूसरे खर्च बढ़ने के कारण इस खरीफ सीजन में किसानों को पहले की तुलना में अधिक पूंजी की जरूरत पड़ रही है। इसका असर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के ऋण वितरण के आंकड़ों में भी नजर आ रहा है।

11.02 करोड़ रूपये का अधिक ऋण हुआ वितरण 

खरीफ 2026-27 में अब तक किसानों को 153.13 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया जा चुका है। जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 142.11 करोड़ रुपए था। इस साल करीब 11.02 करोड़ रुपए अधिक ऋण वितरण हुआ है। इधर ऋण वितरण की अंतिम तिथि आगामी 30 सितंबर निर्धारित की गई है।

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आंकड़ों के अनुसार खरीफ 2026-27 के लिए किसानों को कुल 182 करोड़ रुपए का ऋण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 127.40 करोड़ रुपए नगद ऋण और 54.60 करोड़ रुपए वस्तु ऋण का लक्ष्य शामिल है। 24 अगस्त 2026 तक कुल 153.13 करोड़ रुपए का ऋण वितरण हो चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 84.14 प्रतिशत है।

 

खेती में बढ़ी लागत इसलिए पूंजी की जरूरत

किसानों के लिए खरीफ की तैयारी अब पहले की तुलना में महंगी हो गई है। खेत की तैयारी से लेकर बीज, खाद, कीटनाशक, सिंचाई, डीजल और मजदूरी तक हर स्तर पर खर्च बढ़ने से फसल लगाने के लिए अधिक कार्यशील पूंजी की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में सहकारी बैंक और समितियों से मिलने वाला कृषि ऋण किसानों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहारा बन रहा है।

 

ब्याज जीरो फीसदी होने से है राहत

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक प्रबंधन द्वारा किसानों को खेती-किसानी के लिए जीरो फीसदी ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराए जाने से किसानों को राहत भी मिल रही है। खेती-किसानी के पहले किसान बैंक से कर्ज लेकर किसानी करते हैं और फिर उपज के बिकते ही ऋण की अदायगी कर देते हैं।

 

नगद ऋण का लक्ष्य पार

आंकड़ों की माने तो किसानों को नगद ऋण वितरण लक्ष्य से भी आगे निकल चुका है। बैंक ने 127.40 करोड़ रुपए नगद ऋण का लक्ष्य रखा था। जिसके मुकाबले 130.76 करोड़ रुपए का वितरण हो चुका है। यानी नगद ऋण वितरण 102.64 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालांकि वस्तु ऋण में 54.60 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले अभी 22.37 करोड़ रुपए, यानी करीब 40.97 प्रतिशत वितरण हुआ है।

 

खैरागढ़ में सबसे ज्यादा ऋण वितरण

खैरागढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक 62.23 करोड़ रुपए का ऋण वितरण हुआ है। यहां लक्ष्य 70 करोड़ रुपए निर्धारित था। राजनांदगांव क्षेत्र में 57 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 46.39 करोड़ रुपए, डोंगरगांव में 39 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 31.90 करोड़ रुपए और मोहला क्षेत्र में 16 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 12.61 करोड़ रुपए का ऋण वितरण दर्ज किया गया है।महंगाई की मार पिछले साल से ज्यादा लिया किसानों ने कर्ज, खैरागढ़ सबसे ज्यादा क़ृषि लोन

वसूली भी 84% से अधिक

बैंक ने जहां गए खरीफ ऋण वितरण पर जोर दिया है। वहीं पुराने ऋणों प्रगति दर्ज की गई है। बैंक के आंकड़ों के अनुसार कुल 153.13 करोड़ रुपए की वसूली दर्ज की गई है और वसूली का प्रतिशत 84.14 प्रतिशत रहा है।

क्षेत्रवार देखे वसूली के आंकड़े 

वसूली  प्रतिशत 
खैरागढ़  88.91
राजनांदगाव  81.38
डोंगरगांव  81.80
मोहला  78.80



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