Sun. Aug 30th, 2026

शादीशुदा बेटी को भी अनुकंपा नियुक्ति पाने का अधिकार, भेदभाव गलत : Highcourt  

chhattisgarh-hc-highcourt
file pic
खबर शेयर करें..

शादीशुदा बेटी को भी अनुकंपा नियुक्ति पाने का अधिकार, भेदभाव गलत : Highcourt

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 बिलासपुर //  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के मामले में फैसला दिया है कि केवल शादीशुदा होने के आधार पर बेटी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा, जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले को निरस्त करते हुए दो शादीशुदा बेटियों को बैंक में अनुकंपा नियुक्ति देने का आदेश दिया है।

 

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
telegram_logo_icon_168691 whatsapp-seeklogo[1] insta-png_5957085 facebook khabar 24x7 clipart1979393

कोर्ट ने बैंक को यह भी निर्देशित किया कि दोनों अपीलकर्ताओं की शैक्षणिक योग्यता और लागू नियमों के अनुसार 90 दिन के भीतर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बेटी के विवाहित होने को नियुक्ति में अयोग्यता का आधार नहीं बनाया जा सकता है।

समानता के अधिकार का उल्लंघन

डिवीजन बेंच ने कहा कि बैंक ने सिर्फ बेटियों के विवाहित होने को आधार बनाकर उन्हें नौकरी से बाहर किया, जबकि इसी योजना के तहत विवाहित बेटों को नियुक्ति का लाभ दिया गया। यह समानता के अधिकार के खिलाफ है। कोर्ट ने यह भी माना कि शादी होने मात्र से किसी बेटी की अपने माता-पिता पर आर्थिक या सामाजिक निर्भरता खत्म नहीं मानी जा सकती।

यह भी पढ़ें : ईवी के लिए आसान होगा बैंक से कर्ज, अधिक लोन मिलेगा… ब्लूप्रिंट तैयार

यह है मामला

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के 2 कर्मचारियों मदन कुमार पांडा और शैलेन्द्र कुमार जॉन्सन की नौकरी के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी शादीशुदा बेटियों अंकिता मिश्रा और शीना डेविड ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन बैंक ने आवेदन खारिज कर दिया।




खबर शेयर करें..

Related Post

Leave a Reply

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
Study point, kcg