Breaking
Sat. Mar 28th, 2026

गौठानों में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की 12 यूनिट शुरू..29 चिन्हित गौठानों में स्थापना अंतिम चरण में..

natural paint from cow dung unit
natural paint from cow dung unit
खबर शेयर करें..

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 रायपुर//  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य में पशुधन के संरक्षण और संवर्धन के लिए स्थापित गौठान तेजी से ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित होने लगे हैं। गौठानों में विविध आयमूलक गतिविधियों के संचालन के साथ-साथ नवाचार के रूप में गोबर से प्राकृतिक पेंट का उत्पादन भी शुरू हो गया है। वर्तमान में गौठानों में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने के लिए 13 यूनिटें स्थापित हुई है, जिनमें से 12 यूनिटें शुरू हो चुकी है। natural paint from cow dung

गौठानों में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने के लिए रायपुर जिले में 2, कांकेर, दुर्ग, बालोद, कोरबा, बेमेतरा, सूरजपुर, बस्तर, कोरिया, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा एवं बीजापुर में एक-एक यूनिट स्थापित की जा चुकी है। कोरिया जिले में स्थापित यूनिट को छोड़कर बाकी यूनिटों में उत्पादन शुरू हो गया है। natural paint from cow dung

solar pinal
solar pinal
     यह भी पढ़ेंVIDEO: छात्र-छात्राओं ने निकाली “सेव एनर्जी -सेव लाइफ स्लोगन” पर रैली

रायपुर जिले के गौठानों में स्थापित दो यूनिटों द्वारा अब तक 7255 लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन किया गया है। कांकेर जिला प्राकृतिक पेंट के उत्पादन में दूसरे नम्बर पर है, यहां 6059 लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन किया जा चुका है, जबकि बालोद एवं कोरबा जिले में 100-100 लीटर, बेमेतरा में 300, सूरजपुर में 500, बस्तर जिले में 120 लीटर, कोण्डागांव में 400, दंतेवाड़ा में 1102 तथा बीजापुर में 200 लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन हुआ है। इस प्रकार राज्य में अब तक 17 हजार 936 लीटर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन किया गया है। 9 हजार 622 लीटर प्राकृतिक पेंट के विक्रय से 22 लाख 51 हजार 110 रूपए की आय अर्जित हुई है।

सोशल मिडिया से जुड़ने क्लिक करें..
Ad by study point kgh

natural paint from cow dung unit

राज्य के 28 जिलों के 29 चिन्हित गौठानों में गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की यूनिट स्थापना अंतिम चरण में है। शीघ्र ही इनसे प्राकृतिक पेंट का उत्पादन होने लगेगा। natural paint from cow dung


खबर शेयर करें..

Related Post

error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।