पुलिस का सख्त आदेश: किरायेदार की जानकारी 7 दिन में थाने में दें, नहीं तो होगी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 राजनांदगाव / खैरागढ़ // राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजनांदगांव पुलिस ने अवैध प्रवासियों की पहचान और सत्यापन के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान में पुलिस ने मकान मालिकों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों से सक्रिय सहयोग मांगा है।
किरायेदार की जानकारी देना अनिवार्य, 7 दिन की समय सीमा
पुलिस के अनुसार छत्तीसगढ़ रेंट कंट्रोल अधिनियम, 2011 के तहत हर मकान मालिक के लिए जरूरी है कि वह नए किरायेदार की पूरी जानकारी 7 दिनों के भीतर नजदीकी थाने में जमा करे। नियम का उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उद्योग, होटल, ढाबा और दुकानों के लिए भी नए निर्देश
पुलिस ने जिले के सभी उद्योग, फैक्ट्री, होटल, ढाबा, दुकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को आदेश दिया है कि राज्य या जिले के बाहर से आए मजदूरों और कर्मचारियों का विवरण 5 दिनों के अंदर संबंधित थाने में जमा करें।
फेरीवालों और अस्थायी व्यापारियों को भी कराना होगा पंजीयन
बाहरी फेरीवालों, फल-सब्जी विक्रेताओं और अस्थायी व्यवसायियों को भी अपने क्षेत्र के थाने में जाकर *मुसाफिरी रजिस्टर* में पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है।
जनप्रतिनिधियों और मीडिया से मांगा सहयोग
पुलिस ने पार्षदों, जनप्रतिनिधियों से संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना तुरंत देने और मीडिया से सूचना तंत्र के रूप में सहयोग करने की अपील की है।
कहां करें शिकायत – टोल फ्री नंबर जारी
संदिग्ध गतिविधियों या अवैध प्रवासियों की जानकारी के लिए पुलिस ने टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 जारी किया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह नियम पहले से लागू है, लेकिन अब तक इसका ठीक से पालन नहीं हो रहा था। ‘सजग नागरिक सुरक्षित समाज’ के संकल्प को मजबूत करने के लिए सभी से अभियान में सहयोग करने की अपील की गई है।



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