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त्याग और बलिदान के पर्व मुहर्रम पर निकाला आकर्षक ताजिया.

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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया // शनिवार 29 जुलाई को वनांचल क्षेत्र मानपुर नर्मदा में प्रतिवर्ष के अनुसार इस वर्ष भी मोहर्रम का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। समाज द्वारा करबला के शहीदों की याद में भव्य एवं आकर्षक ताजिया निकाली ग‌ई।

समाज के बच्चे मनमोहक परिधान में थिरकते नजर आयें। गाजे बाजे के साथ ताजिया मस्जिद से निकाली गई जो गांव की प्रमुख गलियों चौक चौराहों से होकर वापसी मजार तक पहुची। बता दे की मुस्लिम भाइयों के लिए रमजान के बाद मुहर्रम दूसरा सबसे पवित्र और खास महीना होता है।

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इस मौके पर सरपंच सरीफून निशा जैनूल खान, जलील खान, नजीम बेग, जूमरत बेग, हनीफ खान, मोहम्मद यूनिश, मोहम्मद कादिर, मोहम्मद अय्यूब, मस्तान बेग, इलाही खान, रज्जाक खान, राजेन्द्र नेताम, शिशुपाल, लक्की पटेल, कौशिक सहित ग्रामीण बडी संख्या में शामिल हुए। थाना प्रभारी अनिल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस के जवान जूलुस की व्यवस्था और शांति बनाये रखने में सहयोग प्रदान किया।



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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।