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छत्तीसगढ़ में H1N1 की बढ़ी रफ्तार, 115 तक पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा..

H1N1 cases rise in Chhattisgarh, छत्तीसगढ़ में H1N1 की बढ़ी रफ्तार, 115 तक पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा..
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छत्तीसगढ़ में H1N1 की बढ़ी रफ्तार, 115 तक पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा..

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में 10 नए संक्रमित मिलने के बाद स्वाइन फ्लू के कुल मरीजों की संख्या 105 से बढ़कर 115 हो गई है। वहीं एक्टिव मरीजों की संख्या भी 18 से बढ़कर 28 पहुंच गई है। संक्रमण अब केवल कुछ चुनिंदा जिलों तक सीमित नहीं है, बल्कि बलौदाबाजार-भाटापारा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और उत्तर बस्तर कांकेर जैसे जिलों में भी नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने हालांकि लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।

 

रायपुर में सबसे ज्यादा मरीज, एक्टिव केस भी बढ़े..

प्रदेश में रायपुर H1N1 संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में बना हुआ है। यहां तीन नए संक्रमित मिलने के बाद कुल मरीजों की संख्या 51 से बढ़कर 54 हो गई है। एक्टिव मरीज भी छह से बढ़कर नौ हो गए हैं। दुर्ग में तीन नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 10 और एक्टिव मरीजों की संख्या पांच हो गई है।

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रायगढ़ में दो नए मरीज मिले हैं। यहां कुल संक्रमितों की संख्या सात और एक्टिव मरीज चार हो गए हैं। बिलासपुर में एक नया मामला सामने आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 13 और एक्टिव मरीज तीन हो गए हैं। सरगुजा में भी एक नया मरीज मिला है, जिससे यहां कुल संक्रमितों की संख्या तीन और एक्टिव मरीज एक हो गया है।

 

तीन नए जिलों में पहली बार सामने आए मामले..

स्वाइन फ्लू का दायरा बढ़ने का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब उन जिलों में भी मरीज सामने आए हैं, जहां पहले संक्रमण का कोई मामला दर्ज नहीं था। बलौदाबाजार-भाटापारा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और उत्तर बस्तर कांकेर में एक-एक नया संक्रमित मिला है। तीनों मरीज फिलहाल एक्टिव बताए जा रहे हैं।

 

धमतरी में अब तक सात मरीज मिल चुके हैं, जिनमें चार एक्टिव हैं। कोरबा में पांच संक्रमितों में एक एक्टिव मरीज है, जबकि बेमेतरा में तीन संक्रमितों में एक एक्टिव केस है। बस्तर में अब तक दो मरीज मिले हैं।

 

इसके अलावा दंतेवाड़ा, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, जशपुर, महासमुंद, एमसीबी, राजनांदगांव और सूरजपुर में भी एक-एक मरीज सामने आ चुके हैं। इन जिलों में फिलहाल कोई एक्टिव केस नहीं है।

 

स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के बीच सभी जिलों में भी फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों पर नजर रखने की जरूरत है, ताकि संक्रमण के संभावित मामलों की समय पर पहचान की जा सके।

 

सामान्य वायरल समझकर न टालें ये लक्षण..

विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान बुखार, सर्दी और खांसी को कई बार लोग सामान्य वायरल मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यदि बुखार के साथ लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही है तो इसे सामान्य वायरल मानकर खुद से दवा लेना ठीक नहीं है।

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विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे लक्षण लगातार बने रहने या हालत बिगड़ने पर डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है। समय पर पहचान और उपचार से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।

 

बुजुर्ग, बच्चे और गंभीर बीमारी वाले ज्यादा सतर्क रहें..

H1N1 संक्रमण से बचाव के लिए हर व्यक्ति को सावधानी बरतनी चाहिए, लेकिन छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली बूंदों तथा नजदीकी संपर्क से संक्रमण फैल सकता है।

 

घर में किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसके साथ नजदीकी संपर्क कम रखना, हाथों की साफ-सफाई का ध्यान रखना और कमरे में पर्याप्त हवा का आवागमन बनाए रखना उपयोगी कदम हैं।

 

संक्रमण से बचने के लिए ये सावधानियां जरूरी..

स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए छोटी-छोटी सावधानियां काफी महत्वपूर्ण हैं। नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोना चाहिए। बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से बचना चाहिए। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या कोहनी से ढकना चाहिए।

 

फ्लू जैसे लक्षण होने पर स्कूल, काम या भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना संक्रमण को दूसरे लोगों तक पहुंचने से रोकने में मदद कर सकता है। जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। संक्रमित व्यक्ति के लिए चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर अलग रहना या आइसोलेशन रखना संक्रमण की श्रृंखला को कम करने में मददगार हो सकता है।

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कमरे में वेंटिलेशन यानी हवा के आने-जाने की पर्याप्त व्यवस्था रखना भी जरूरी है। बंद और भीड़भाड़ वाली जगहों की तुलना में अच्छी हवा का प्रवाह संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद करता है।H1N1 cases rise in Chhattisgarh, छत्तीसगढ़ में H1N1 की बढ़ी रफ्तार, 115 तक पहुंचा संक्रमितों का आंकड़ा..

 

टीकाकरण पर भी डॉक्टर से लें सलाह..

फ्लू से बचाव के लिए इन्फ्लूएंजा वैक्सीन के बारे में भी डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है। विशेष रूप से स्वास्थ्य कर्मियों और अधिक जोखिम वाले लोगों के लिए टीकाकरण उपयोगी हो सकता है। हालांकि वैक्सीन की जरूरत और उपयुक्तता व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर तय की जानी चाहिए।

 

घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत..

प्रदेश में H1N1 के बढ़ते आंकड़े निश्चित रूप से सावधानी बरतने का संकेत हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण है कि फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न किया जाए, संक्रमित व्यक्ति से अनावश्यक नजदीकी संपर्क से बचा जाए और जरूरत पड़ने पर समय पर डॉक्टर से जांच व उपचार कराया जाए। साफ-सफाई, मास्क, पर्याप्त वेंटिलेशन और समय पर चिकित्सकीय सलाह संक्रमण को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।




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