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बेंगलोर यूथ फेस्टिवल से लौटते विवि के स्टूडेंट का बस ब्रेकर में उछला, कैंपस लौटने पर ड्राइवर और कंडक्टर की धुनाई..विवि प्रशासन की दिखी लापरवाही

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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // बेंगलोर मे आयोजित यूथ फेस्टिवल से लौटने के दौरान 1 मार्च को कर्नाटक के समीप विजयनगरम मे ड्राइवर ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए ब्रेकर में बस दौड़ा दी, इससे बस की छत का हिस्सा टूटकर स्टूडेंट पर गिरा। और 18 स्टूडेंट घायल हो गए। इस हादसे के साथ ही विवि प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई है।

खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्व विद्यालय के 38 स्टूडेंट कर्नाटक में बेंगलोर मे आयोजित यूथ फेस्टिवल में शामिल होने गए थे। प्रोग्राम के बाद 1 मार्च को स्टूडेंट बस से खैरागढ़ लौट रहे थे। बताया गया कि इस दौरान देर रात को विजयनगरम मे बस चालक ने लापरवाही से ब्रेकर में रफ्तार बस को दौड़ा दिया। इससे बस की छत वाला कुछ हिस्सा टूटकर स्टूडेंट पर गिर गया और इससे 15 से 18 स्टूडेंट को चोंटे लगी। घायल स्टूडेंट का रास्ते में ही प्राथमिक उपचार कराया। और फिर घायल हालत मे ही स्टूडेंटस को लेकर वापस निकल गए। वही दूसरी ओर इस हादसे का प्रशासन से लेकर विश्वविद्यालय कैम्पस मे कोई भी भनक नहीं था।

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वही ज़ब स्टूडेंट 3 मार्च की देर शाम को यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंचे। इसके बाद आक्रोशित स्टूडेंटों ने बस ड्राइवर और कंडक्टर की धुनाई कर दी और देखते ही देखते यूनिवर्सिटी कैंपस में हडक़ंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। बस से लौटे घायल स्टूडेंट को देखकर कैंपस में मौजूद दूसरे छात्र भी आक्रोशित हो गए।

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लापरवाही: घायल छात्रों का इलाज विवि कैम्पस मे ही..3 घंटे बाद ले गए अस्पताल 

बस विश्वविद्यालय परिसर मे पहुंचने पर घायल छात्रों का उपचार विश्वविद्यालय के स्वास्थ परीक्षण केंद्र मे ही शुरू कराया गया। जबकि घायल छात्र सहमे से और दर्द से परेशानी को देखते हुए त्वरित अस्पताल ले जाने जरूरत दिखी लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने लापरवाही दिखाते स्वास्थ्य परिक्षण कक्ष मे ही ड्रिप लगाकर रखे रहे। हालांकि 2-3 घंटे बाद सिविल अस्पताल मे दाखिल किया गया।

इतना बड़ा हादसा फिर भी प्रशासनिक कोई खबर नहीं

विश्वविद्यालय के छात्रों को इसने बड़े हादसे से गुजरना पड़ा। 1 मार्च की रात मे विजयनगरम मे दुर्घटना हुआ और वही अस्पताल मे प्राथमिक तौर से इलाज किया गया। लेकिन बताया गया है कि अस्पताल मे घायल स्टूडेंटस को अब्जर्वेशन मे रखने कहा लेकिन विवि प्रबंधन ने इतनी लम्बी दूरी घायलों को बस मे सफर करने चल निकले। जबकि इसकी खबर किसी को नहीं दी गई।

ड्रायवर नशे मे था और रफ़्तार से दौड़ा दिया ब्रेकर मे बस 

इस पूरे मामले में घायल स्टूडेंट्स ने बताया कि बस चालक और कंडक्टर नशे की हालत में थे। इनकी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। बताया कि बस रफ्तार में थी। इसके बाद भी ब्रेकर में धीमा करना छोडक़र दौड़ा दी। इस वजह से बस की छत का कुछ टूकड़ा छात्रों पर गिरा। इस दौरान ज्यादातर छात्र-छात्राएं नींद में थे।

विवि की लापरवाही: भोजन करने जहां रुके थे, वहां पर लोकल लडक़े बस में आकर घुस गए थे, विवि के स्टूडेंट्स की सुरक्षा पर नहीं दिया गया ध्यान

इस घटना में किसी छात्र के गर्दन टेढ़ी हो गई है तो किसी के सिर पर चोट लगी है। स्टूडेंट ने विवि प्रबंधन पर घोर लापरवाही बरतने और हादसे के बाद उपचार में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। स्टूडेंट ने बताया कि रास्ते में एक जगह पर भोजन करने रुके थे तब लोकल के लडक़े बस में चढ़ गए थे। जबकि बस में छात्राएं भी मौजूद थीं।

स्टूडेंट्स का कहना है कि विवि प्रबंधन ने पैसे बचाने के चक्कर में 40 से अधिक स्टूडेंट्स को इतने दूर बस में भेजा। जबकि अन्य राज्यों के छात्र प्लेन से प्रोग्राम में पहुंचे थे। विवि के पीआरओ विनोद डोंगरे ने बताया कि फेस्टिवल से लौटते वक्त छात्रों के घायल होने की सूचना मिली है।


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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।