ज़िला यादव समाज में आरोप का दौर, महासभा को बताया मनगढ़ंत
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // जिले में कोसारिया यादव समाज के भीतर नेतृत्व विवाद सामने आया है। प्रेसवार्ता में जिला यादव समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज को जानबूझकर दो गुटों में बांटने की कोशिश की जा रही है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
प्रेस वार्ता में प्रदेश महामंत्री सुनील यादव, जिलाध्यक्ष ईश्वर यादव, शिवानंद यादव सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे। सभी पदाधिकारियों ने दावा किया कि 24 सर्किल की बैठक के बाद प्रदेश प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से ईश्वर यादव को जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया।

छुईखदान में शपथ ग्रहण समारोह भी हुआ, जिसमें समाज के हजारों लोग शामिल हुए। ईश्वर यादव ने कहा कि एक जिले में दो-दो अध्यक्ष होना असंवैधानिक है और समाज को कमजोर करने वाला कदम है। पदाधिकारियों ने चंद्रशेखर यादव पर आरोप लगाया कि वे स्वयं को जिला अध्यक्ष घोषित कर रहे हैं, जबकि उनके पास वैध पंजीयन या कोई आधिकारिक प्रमाण नहीं है।
प्रदेश महामंत्री सुनील यादव ने स्पष्ट किया कि पूरे छत्तीसगढ़ में कोसारिया यादव समाज का एक ही पंजीयन क्रमांक 4473 मान्य है और उसी के तहत ईश्वर यादव का चयन हुआ है। पदाधिकारियों ने कहा कि 29 मार्च को प्रस्तावित भूमि पूजन कार्यक्रम के संबंध में जमीन का खसरा नंबर, नक्शा और स्वामित्व दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि समाज को भ्रमित न किया जा सके।
उन्होंने 8 मार्च को फतेह मैदान में आयोजित महिला अधिवेशन, होली मिलन और सम्मान समारोह का हवाला देते हुए कहा कि 29 मार्च के कार्यक्रम को व्यक्तिगत स्वार्थ और वर्चस्व की राजनीति माना जाए। सभी 24 सर्किलों को केवल वैध एवं सर्वसम्मति से चुने गए नेतृत्व को मान्यता देने की हिदायत दी गई।![]()
महासभा अध्यक्ष ने मिडिया में कहा विधिवत हुआ निर्वाचन
इधर, जिला यादव महासभा के जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर यादव विभिन्न मिडिया में बयान दिया है कि उनका जिला अध्यक्ष पद विधिवत निर्वाचन प्रक्रिया के तहत हुआ है। जिले के 23 सर्किलों में से 19 सर्किल अध्यक्षों की भागीदारी से चुनाव कराया गया और विधिवत प्रमाण पत्र भी जारी हुआ। 29 मार्च को राम मंदिर बर्फानी धाम में महा अधिवेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेश और जिला स्तर के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और सामाजिक पदाधिकारी शामिल होंगे।


