खैरागढ़ से बॉलीबुड तक दखल रखने वाले विजय बोरवनकर नहीं रहे
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 दुर्ग // पांच पापी, बहार आने तक जैसी बॉलीवुड की फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर रहे विजय बोरवनकर अब नहीं रहे। छालीवुड में भले ही उन्हें कम लोग जानते हैं लेकिन जो जानते हैं वह उन्हें मानते थे क्योंकि ढेर सारी प्रतिभा के धनी विजय बोरवनकर ने अपने पूरे जीवन को बॉलीवुड, छालीवुड और कला को समर्पित कर दिया था।
उनकी अभी की फिल्मों में तीजा के लुगरा 2, प्रीत की जीत और बिरनपुर फाइल थी जिसमें उन्होंने एसोसिएट डायरेक्टर की भूमिका निभाई थी, मूलतः खैरागढ़ और दुर्ग के रहने वाले विजय बोरवनकर को छालीवुड में बॉलीवुड दादा के नाम से जाना जाता था, अपने जीवन के अंतिम समय में हुए श्री साईं फिल्म अशोक नगर में रहा करते थे।
विजय बोरवनकर उस समय से फिल्म निर्माण में जुट गए थे जब छत्तीसगढ़ में किसी को फिल्म के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, यह आज से 30 साल पुरानी बात होगी जब उन्होंने भोपाल दूरदर्शन के लिए “संदेशा” नामक सीरियल का निर्माण किया था।
मुंबई से बुलाते थे कैमरा यूनिट
पहले वह मुंबई से कैमरा यूनिट खैरागढ़ बुलाया करते थे लेकिन जब उन्हें पता चला कि छत्तीसगढ़ में ईरा फिल्म के पास भी तमाम इक्विपमेंट है तो उन्होंने ईरा फिल्म से कैमरा यूनिट खैरागढ़ बुलवाई और संदेशा नामक टीवी सीरियल की शूटिंग की, उस समय किसी फिल्म या सीरियल की शूटिंग होना किसी बड़े आयोजन से कम नहीं था, खैरागढ़ में शूटिंग का माहौल देखने लायक हुआ करता था।
खैरागढ़ छोड़ चले गए थे मुंबई पर रस नहीं आई
संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखने वाले विजय बोरवनकर को फिल्म ने इतना आकर्षित किया कि वह खैरागढ़ छोड़कर मुंबई चले गए वहां तारीक शाह के साथ उन्होंने कई सारी फिल्मों में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया। लेकिन मुंबई भी उन्हें रास नहीं आई और वह फिर लौटकर अपनी ही मिट्टी में आ गए और यहां उन्होंने फिर से शुरुआत की।

छत्तीसगढ़ में फिर उन्हें मिली “तीजा के लुगरा 2” उसके बाद से वे लगातार सक्रिय रहे लेकिन बीते कुछ दिनों में वह अलग-थलग रहने लगे, शराब की लत उन्हें आगे नहीं बढ़ने देती थी वरना वे सब को पीछे छोड़ देते। उनकी मृत्यु की खबर से छालीवुड में शोक की लहर व्याप्त है।
Vijay Borwankar, who had a presence in music industry and Bollywood, is no more.


