दो अलग-अलग वार्डों के “हमर क्लिनिक” मे हुई घटना,एक में आग, उसी रात दूसरे में तोड़फोड़, बढ़ा साजिश का शक
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़। शहर के अमलीपारा वार्ड में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से निर्मित ‘हमर क्लिनिक’ भवन सोमवार देर रात अचानक आग की चपेट में आ गया। हैरानी की बात यह है कि यह क्लिनिक अब तक शुरू ही नहीं हो पाया था और भवन में बिजली कनेक्शन भी चालू नहीं था। ऐसे में आग लगने की घटना ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया है।
दो अलग-अलग वार्डों के “हमर क्लिनिक” घटना
मिली जानकारी के अनुसार उसी रात अमलीडीह वार्ड में भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा ताला तोड़कर तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। एक ही दिन में दो अलग-अलग वार्डों में हुई इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था और संभावित साजिश को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि हमर क्लिनिक का निर्माण पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में किया गया था जिसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को निःशुल्क इलाज, दवाइयां और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना था। हालांकि उद्घाटन के लंबे समय बाद भी यहां सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं बाद में भवन का उपयोग स्टोर रूम के रूप में किया जाने लगा जहां राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे गए थे जो आग में जलकर नष्ट हो गए।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आशीष शर्मा ने स्पष्ट किया कि भवन में बिजली कनेक्शन चालू नहीं था जिससे शॉर्ट सर्किट की संभावना से इनकार किया जा रहा है। इस बयान के बाद आग लगने के कारणों को लेकर संदेह और गहरा गया है। सामान्य परिस्थितियों में बिना बिजली के आग लगना असामान्य माना जा रहा है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

जानबूझकर की गई हरकत या साजिश
कई लोग इसे महज दुर्घटना मानने को तैयार नहीं हैं और जानबूझकर की गई हरकत या साजिश की आशंका जता रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि क्लिनिक समय पर शुरू कर दिया गया होता, तो वहां स्टाफ की मौजूदगी रहती और इस तरह की घटना टाली जा सकती थी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। एक ही रात में दो वार्डों में हुई घटनाओं को देखते हुए इसे गंभीरता से लिया जा रहा है।


