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भंवरदाह: भ्रामरी देवी में 31 मार्च से होगा ज्योति कलश स्थापना

bhramri devi bhavardah भंवरदाह: भ्रामरी देवी में 31 मार्च से होगा ज्योति कलश स्थापना
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भंवरदाह: भ्रामरी देवी में 31 मार्च से होगा ज्योति कलश स्थापना

0 यह आयोजन का लगातार 18 वा वर्ष है।

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया // राजमाता लक्ष्मीबाई, सुपुत्र राजा रणधीर सिंह की स्मृति में ज्योति कलश स्थापना का आयोजन भडभड़ी जंगल के अंदर वनों से आच्छादित सुरम्य पहाड़ियों के बीच किया जा रहा है।

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राजमहल पंडरिया के लाल टारकेश्वर शाह खुसरो, देवेंद्र शाह खुसरो, करण शाह खुसरो एवं जेठू राम साहू अध्यक्ष ग्राम कृषक समिति पंडरिया के सौजन्य से 31 मार्च 2026 मंगलवार को ज्योति कलश स्थापना शाम 5:00 से होगा। 4 अप्रैल 2026 शनिवार को पंचमी श्रृंगार का कार्यक्रम होगा। उसी प्रकार 7 अप्रैल 2026 मंगलवार को अष्टमी हवन पूजा शाम 5:00 से होगा। और 8 अप्रैल 2026 बुधवार को ज्योति जवारा विसर्जन सुबह 8:00 बजे से संपन्न होना बताया गया है।bhramri devi bhavardah भंवरदाह: भ्रामरी देवी में 31 मार्च से होगा ज्योति कलश स्थापना

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उक्त आयोजन का शानदार 18 वा वर्ष है । इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने के लिए ज्योति प्रज्वलित हेतु राधेलाल जंघेल, कृपाल सिंह, दीपक सोनी, दिलीप ओगरे ,लेखा सोनी, तोरण यादव, मन्नू नेताम, क्रांति ताम्रकार, अमन सोनी, तामेश्वर साहू, जीवन साहू, सूखी लाल पटेल,से संपर्क स्थापित किया जा सकता है।


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रिपोर्ट : रोहित देवांगन, गंडई
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error: आपका बहुत-बहुत धन्यवाद !!
खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।