करंट से जंगली सूअर की मौत: वन विभाग की कार्रवाई, 4 आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 छुईखदान। वन परिक्षेत्र छुईखदान के अंतर्गत आने वाले ग्राम खुड़मुड़ी में जंगली सूअर (बरहा) की करंट लगने से मौत का मामला सामने आया है। मामले की सूचना मिलते ही वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से जंगली सूअर का मांस जब्त किया है। इस घटना ने क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूचना मिलते ही वन विभाग ने की छापेमार कार्रवाई
जानकारी के अनुसार रविवार को वन विभाग को सूचना मिली कि ग्राम खुड़मुड़ी में कुछ लोग जंगली सूअर का शिकार कर उसका मांस खाने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और संदिग्धों के घरों में दबिश देकर जांच की। कार्रवाई के दौरान शिकार किए गए जंगली सूअर का मांस बरामद किया गया, जिसके बाद चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।


चार आरोपी गिरफ्तार, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
वन विभाग ने इस मामले में बृजलाल कंवर, मैनकुमार, पेखन वर्मा और सेवन दास को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी ग्राम खुड़मुड़ी के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मूंग की फसल की सुरक्षा के लिए खेत में लगाए गए करंट की चपेट में आने से जंगली सूअर की मौत हुई।
खेत सुरक्षा के नाम पर विद्युत् करंट से शिकार
स्थानीय लोगों का कहना है कि खेती की सुरक्षा के नाम पर कई स्थानों पर अवैध रूप से विद्युत करंट लगाए जाने की शिकायतें मिलती रहती हैं। ऐसे मामलों से न केवल वन्यजीवों की जान को खतरा होता है, बल्कि किसी व्यक्ति के संपर्क में आने पर बड़ा हादसा भी हो सकता है।
सामान्य करंट से नहीं हो सकता है बड़े वन्य जीव की मौत
नवपदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी गुलशन कुमार साहू ने बताया कि यह मामला रविवार का है। उन्होंने कहा कि सामान्य करंट से किसी बड़े वन्यजीव की मौत होना संभव नहीं लगता, इसलिए मामले में उच्च वोल्टेज विद्युत करंट लगाए जाने की आशंका है। विभाग द्वारा पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

विद्युत विभाग की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
यदि जांच में यह साबित होता है कि खेत में अवैध रूप से विद्युत करंट प्रवाहित किया गया था, तो विद्युत विभाग की ओर से भी कार्रवाई की मांग उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसी करंट की चपेट में कोई आम नागरिक आ जाता, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती?![]()
आगे की कार्रवाई जारी
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी मिली है। वन विभाग ने लोगों से वन्यजीवों के शिकार से दूर रहने और किसी भी अवैध शिकार की सूचना तत्काल विभाग को देने की अपील की है।


