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कलेक्टर दीपक सोनी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक

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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 कोण्डागांव // कलेक्टर  दीपक सोनी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय वनाधिकार समिति की बैठक के दौरान जिले के ग्रामीण ईलाके के 506 पात्र हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय करने का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही सामुदायिक प्रयोजन हेतु 534 सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय करने की अनुशंसा की गयी।

बैठक में जिले के कोण्डागांव एवं केशकाल नगरीय क्षेत्र में 70 पात्र हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय करने का अनुमोदन किया गया। कलेक्टर दीपक सोनी ने जिले में आदिम जाति एवं अन्य गैर परम्परागत वन निवासी अधिकार अधिनियम का प्रभावी एवं कारगर क्रियान्वयन करने पर बल देते हुए कहा कि उक्त अधिनियम के तहत 13 दिसम्बर 2005 के पूर्व वन भूमि पर काबिज काश्त करने वाले पात्र परिवारों को वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पहल किया जाये। इस ओर प्राप्त प्रकरणों का परीक्षण कर निर्धारित प्रक्रिया का परिपालन किया जाये।

कलेक्टर सोनी ने वनाधिकार पट्टेधारकों के आय संवृद्धि हेतु उन्हे मनरेगा से भूमि समतलीकरण, मेड़ बंधान, डबरी निर्माण, कुक्कट पालन शेड, गौपालन शेड, बकरी पालन शेड निर्माण के लिए लाभान्वित किये जाने कहा। वहीं इन वनाधिकार पट्टेधारकों को उन्नत खेती-किसानी, साग-सब्जी उत्पादन, मछलीपालन, कुक्कटपालन, सूकरपालन, बकरीपालन, गौपालन आदि आयमूलक गतिविधियों के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाये। उन्होने इस दिशा में संबन्धित वनाधिकार पट्टेधारक हितग्राहियों को उनकी जरूरत एवं रूचि के अनुरूप आयमूलक गतिविधियों हेतु सहायता सुलभ कराये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

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सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण हेतु देवगुड़ी एवं मातागुड़ी का देवी-देवता के नाम से सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र

बैठक के दौरान जिले में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु देवगुड़ी एवं मातागुड़ी का सम्बन्धित देवी-देवताओं के नाम से सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय किये जाने का निर्णय लिया गया। इस दिशा में कुल 436 देवगुड़ी एवं मातागुड़ी सहित प्राचीन स्मारक, घोटुल ईत्यादि का सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय करने का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही 98 गौठान, आवर्ती चराई, कौशल उन्नयन केन्द्र ईत्यादि सामुदायिक प्रयोजन हेतु सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय करने का अनुमोदन किया गया।

बैठक में कलेक्टर श्री सोनी ने वन संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन सहित समुचित दोहन के लिए वन संसाधन अधिकार पत्र प्रदाय करने पर जोर देते हुए कहा कि वन संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन कर दिशा में समुदाय की व्यापक सहभागिता सुनिश्चित किया जाये। जिससे समुदाय वन संसाधनों के प्रबन्धन, देखरेख करने के लिए आगे आकर वनोपज, लघु वनोपज आदि का संग्रहण कर आय संवृद्धि कर सके। उन्होने सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र प्रदाय में लापरवाही बरतने के कारण कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग में पदस्थ मंडल संयोजक अनुराग सिन्हा को शो-काज नोटिस जारी किये जाने के निर्देश दिये। वहीं इस दिशा में अद्यतन प्रगति लाये जाने कहा।

जिले के नगरीय क्षेत्र के पात्र हितग्राहियों को मिला व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा

जिले के नगर पालिका परिषद कोण्डागांव सहित नगर पंचायत केशकाल में क्रमशः 46 एवं 24 पात्र हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टे प्रदाय किये जायेंगे। इसके पूर्व नगर पंचायत फरसगांव में 40 पात्र हितग्राहियों को व्यक्तिगत वनाधिकार मान्यता पत्र प्रदाय किये जाने का अनुमोदन किया गया है। बैठक के दौरान अनुमोदित सभी वनाधिकार मान्यता पत्र का अतिशीघ्र वितरण किये जाने कहा गया।

इस दौरान वनाधिकार पट्टेधारकों को मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के अभिसरण से दी गयी सहायता के बारे में पाॅवर पाईंट प्रस्तुति के जरिये विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। बैठक में जिला स्तरीय वनाधिकार समिति के सदस्य जनपद पंचायत कोण्डागांव के अध्यक्ष शिवलाल मण्डावी सहित डीएफओ केशकाल एन गुरूनाथन और संयुक्त कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त आदिवासी विकास मनोज केसरिया तथा जिले में पदस्थ एसडीएम, एसडीओ फाॅरेस्ट, तहसीलदार, सीईओ जनपद पंचायत एवं नगरीय निकायों के सीएमओ मौजूद थे।


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