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सांस्कृतिक रंग: सुआ, करमा, ददरिया,होली सहित देशभक्ति के साथ हुआ वार्षिक उत्सव

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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 गंडई पंडरिया// मातेश्वरी गंगई शिक्षा समिति द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर गंडई में 23 जनवरी सोमवार को सुभाषचन्द्र बोस की जयंती के शुभ अवसर पर विद्यालय प्रांगण में सांस्कृतिक वार्षिक उत्सव कार्यक्रम संपन्न हुआ।

जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में राजेश देवदास थाना प्रभारी गंडई जिला के.सी.जी. विशिष्ट अतिथि दिलीप वर्मा कृषक कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की पूर्व छात्रा डाँ तोषिकी यादव सहायक प्राध्यापक रसायन विभाग पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर ने किया।

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सर्वप्रथम अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती, भारत माता, पवित्र ॐ व सुभाषचन्द्र बोस के तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। अतिथियों का स्वागत मातेश्वरी गंगई शिक्षा समिति के पदाधिकारी सदस्यों के द्वारा स्मृति चिन्ह व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया तत्पश्चात विद्यालय के प्राचार्य बलराम सिंह ठाकुर द्वारा विद्यालय प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

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समस्त अतिथियों द्वारा सत्र 2021-22 में कक्षा अरूण से दशम तक के मेधावी छात्रो को एवं विद्याभारती की राष्ट्रीय योगासन प्रतियोगिता उदयपुर राजस्थान व राष्ट्रीय पत्रवाचन प्रतियोगिता भोपाल में जिन भैया बहिनों ने स्थान प्राप्त किये थे उन्हें विद्यालय की ओर से प्रतीकचिन्ह प्रदान किया गया।सभी अतिथियों द्वारा भैया बहिनों को आशीर्वचन प्रदान किया गया।

         तत्पश्चात मंचीय कार्यक्रमों में बच्चों ने भारतीय संस्कृति की विभिन्न सभ्यता व परंपरा को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुति दिए जिसमें देशभक्ति नृत्य, सुवा नृत्य, राममचरित मानस बालनाटिका, सुवा नृत्य, गेड़ी नृत्य, बस्तरिया नृत्य, राऊत नाचा, पंथी नृत्य, योगासन एवं सभी राज्यों की विविधता शामिल थे।

      इस कार्यक्रम में मातेश्वरी गंगई शिक्षा समिति के अध्यक्ष, व्यवस्थापक व सभी समिति सदस्य विद्यालय के प्राचार्य श्री बलराम सिंह ठाकुर एवं आचार्य दीदियां, भैया बहन व बहुत अधिक संख्या में अभिभावकगण उपस्थित थे।

राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। आभार प्रदर्शन आचार्य रमेश कुमार वर्मा ने तथा कार्यक्रम का सफल मंच संचालन धनऊ राम पटेल व विद्यालय की बहन टिकेश्वरी एवं बहन मीनाक्षी देवांगन, हिमांशी सरसुधे ने किया।


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रिपोर्ट : रोहित देवांगन ,गंडई
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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।