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मुल्क की खुशहाली की दुआ के साथ मनाया गया ईद- उल- अज़हा पर्व 

मुल्क की खुशहाली की दुआ के साथ मनाया गया ईद- उल- अज़हा पर्व 
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मुल्क की खुशहाली की दुआ के साथ मनाया गया ईद- उल- अज़हा पर्व 

छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ //  खैरागढ़ मुस्लिम समाज ने खुदा से बेइंतेहा मोहब्बत, त्याग एवं कुर्बानी का प्रतीक पाक पर्व ईद-उल अजहा गुरुवार 28 मई को परंपरानुसार मनाया. गुरुवार की सुबह 8 बजे दाऊचौरा स्थित ईदगाह परिसर में ईद-उल-अजहा पर्व के अवसर पर जामा मस्जिद के पेश इमाम मो. फखरुद्दीन रिज़वी ने सर्वप्रथम तकरीर की और उसके बाद सामूहिक रूप से नमाज अदा कराई जिसके बाद ईद उल अजहा का विशेष खुदबा पढ़ा गया और फिर आखिर में सलाम पढ़ने के बाद मुस्लिम समाज ने नगर सहित देश व प्रदेश की तरक्की, अमनो चैन एवं खुशहाली के लिये दुआएं मांगी.

 

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इसलिए मनाया जाता है ईद-उल- अजहा पर्व

गौरतलब है कि खुदा से बेइंतहा मोहब्बत, समर्पण और त्याग की भावना के साथ हर साल ईद- उल- अज़हा का पर्व मनाया जाता है, माना जाता है कि ईश्वर-अल्लाह एक है इस सिद्धांत के प्रथम दूत पैगम्बर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की इबादत में अपना सब कुछ बलिदान कर देने की भावना व सच्ची निष्ठा के साथ समर्पण का परिचय दिया था जिसकी याद में ही ईद उल अज़हा का पाक त्यौहार प्रतिवर्ष मनाया जाता है.

 

ईद उल अज़हा और कुर्बानी का ये है इतिहास

जिला मुस्लिम समाज एवं इकरा फाउंडेशन के सचिव मो. याहिया नियाज़ी ने बताया कि मैदाने अराफ़ात में हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने आज ही के दिन अपने बेटे हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम को खुदा की राह में कुर्बान करने की तैयारी की थी और ये खुदा की तरफ से उनका इम्तिहान था, इसलिए ईद उल अज़हा पर्व पर परंपरा अनुसार कुर्बानी की रस्म अदा की जाती है. उन्होंने बताया कि इस्लामिक मान्यता के अनुसार खुदा ने पैगंबर इब्राहिम से सपने में उनकी सबसे प्यारी चीज़ की कुर्बानी मांगी थी और इब्राहिम को अपने बेटे इस्माइल से बेहद प्यार था लेकिन उन्होंने अल्लाह के हुक्म को सर्वोपरि माना और जैसे ही इब्राहिम अपने बेटे की गर्दन पर छुरी चलाने लगे, अल्लाह ने उनकी सच्ची निष्ठा और समर्पण से प्रसन्न होकर हज़रत इब्राहिम के बेटे इस्माइल की जगह एक दुम्बे को भेज दिया और इस्माइल को जीवनदान दे दिया और तभी से इस महान परीक्षा और त्याग की याद में ईद उल अज़हा पर्व पर कुर्बानी देने की परंपरा चली आ रही है. ईद उल अज़हा की विशेष नमाज की रस्म अदा करने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तान जाकर अपने मरहूमों के इसाले सवाब के लिये फातिहा भी पड़ी. ईदगाह परिसर के पास नमाज के दौरान पूरी व्यवस्था बनाये रखने में थाना प्रभारी अनिल शर्मा के नेतृत्व में पुलिस विभाग की भूमिका सराहनीय रही.मुल्क की खुशहाली की दुआ के साथ मनाया गया ईद- उल- अज़हा पर्व 

 

 इस अवसर पर ये रहें मौजूद

इस अवसर पर हाफिज मोहिब्बूल हक, हाफिज सराफत हुसैन, पूर्व सदर एवं नपा उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान, सदर अरशद हुसैन, पूर्व नायब सदर जफर हुसैन खान, इकरा फाउंडेशन अध्यक्ष खलील कुरैशी, मो. याहिया नियाज़ी, नसीम कादरी, सादिक मेमन, वसीम कादरी, हाजी नासीर मेमन, हाजी रिज़वान मेमन, हाजी तनवीर मेमन, हाजी ईमरान मेमन, हाजी मोहसिन अली, हाजी सैय्यद जाहिद अली, हाजी मुर्तजा खान, मो. इदरीश खान, शेख लतीफ खान, कय्यूम कुरैशी, सैय्यद लुकमान अली, सगीर कुरैशी, शमशुल होदा खान, डॉ. मकसूद अहमद, जफर उल्लाह खान, अय्यूब सोलंकी, जुनैद खान, असद उल हक, समीर कुरैशी, रियाजुद्दीन कादरी, सैयद अल्ताफ अली, शौकत अली, कदीर कुरैशी, जाकिर हुसैन, इरफान मेमन, तज‌म्मुल अली, रफ़ीक सरधारिया, रफीक सोलंकी, जाफर झाड़ूदिया, रियाज़ अशरफी, मतीन अशरफ, उबैद खान, जमीर खान, तारिक अमान, सोहेल खान, शादाब खान, जमील मेमन, नदीम मेमन, राजा सोलंकी व ईमरान अशरफी सहित खैरागढ़ थाना प्रभारी अनिल शर्मा व एसआई पुरुषोत्तम निर्मलकर सहित पुलिस विभाग के अधिकारी- कर्मचारी व बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के सदस्य भी उपस्थित रहे.




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