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आईटीआई शिक्षुता प्रशिक्षण प्लेसमेंट और मेला 20 मार्च को..उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी ले सकेंगे प्लेसमेंट का लाभ

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छत्तीसगढ़ खबर डेस्क खबर 24×7 खैरागढ़ // भारत सरकार की शिक्षुता प्रशिक्षण अधिनियम 1961 के अंतर्गत नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रोमोशन स्कीम (एन.ए.पी.एस.) के तहत पी.एम.एन.ए. अप्रेंटिसशिप मेला का आयोजन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था छुईखदान जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई में किया जायेगा। उक्त मेला दिनांक 20 मार्च 2023 को प्रातः 9.00 बजे से आयोजित होगी। समस्त शासकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से आई.टी.आई. उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी मेला में सम्मिलित होकर प्लेसमेंट का लाभ ले सकते है। 

शासकीय औधोगिक प्रशिक्षण संस्था छुईखदान के प्राचार्य एल.के. साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि अप्रेंटिस का अर्थ है प्रशिक्षु और अप्रेंटिसशिप का अर्थ है प्रशिक्षण। यह एक प्रकार की प्रशिक्षण प्रणाली है जिसमे प्रशिक्षु को नौकरी के सारे तौर-तरीके सिखाये जाते हैं। इसमें प्रशिक्षुओं को किसी संस्था, कंपनी आदि में काम करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।kb demo

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अप्रेंटिसशिप मेला में विभिन्न प्रतिष्ठानों को अप्रेंटिसशिप/प्लेसमेन्ट हेतु आमंत्रित किया गया है। समस्त शासकीय/निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं से आई.टी.आई. उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित हो सकते है। प्रशिक्षणार्थी को अपने समस्त शैक्षणिक तथा आवश्यक अर्हता प्रमाण पत्र के साथ उक्त मेला में उपस्थित होकर अवसर का लाभ प्राप्त कर सकते है ।

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खैरागढ़ में चैत्र नवरात्र की तैयारी पूरी, कल होगी ज्योति कलश स्थापना खैरागढ़। नगर सहित पूरे क्षेत्र के देवी मंदिरों में चैत्र नवरात्र को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार से प्रारंभ हो रहे वासंती नवरात्रि के अवसर पर शहर के प्रमुख मां दंतेश्वरी माता मंदिर, मां शीतला मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में ज्योति कलश की स्थापना की जाएगी। मां दंतेश्वरी मंदिर के पुजारी डॉ. मंगलानंद झा ने बताया कि यह मंदिर खैरागढ़ का सबसे प्राचीन देवी मंदिर है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु नवरात्रि के दौरान पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है और इस बार विक्रम संवत 2083 का नाम ‘रुद्र’ संवत्सर रहेगा। उन्होंने नवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं, लेकिन आश्विन और चैत्र नवरात्रि विशेष रूप से प्रमुख मानी जाती हैं। चैत्र नवरात्रि को वासंती नवरात्रि भी कहा जाता है। मुहूर्त को लेकर फैली भ्रांतियों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्योति प्रज्वलन का कोई विशेष मुहूर्त नहीं होता, बल्कि कलश स्थापना, नवग्रह, गौरी-गणेश, सप्तमातृका, षोडश मातृका और योगिनी की स्थापना के लिए निश्चित समय होता है। मां दंतेश्वरी मंदिर में दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद शाम के समय श्रद्धालु अपने नाम से स्थापित ज्योति कलश प्रज्वलित करेंगे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार मां दंतेश्वरी मंदिर में इस वर्ष करीब 330 ज्योति कलश स्थापित किए जाएंगे, जबकि इतवारी बाजार स्थित मां शीतला मंदिर में लगभग 250 ज्योति कलश स्थापित होंगे। खास बात यह है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार ज्योति प्रज्वलित करवाते हैं। अबू धाबी, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों में रह रहे श्रद्धालु भी मंदिर से जुड़े रहते हैं और नवरात्रि में अपनी सहभागिता निभाते हैं। चैत्र नवरात्रि को लेकर पूरे खैरागढ़ में भक्ति और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।